पहले के जो राजा या महाराजा शिकार करते थे तो उस शिकार का क्या करते थे?

लखनऊ: माँसाहार कुछ हजार साल पहले बहुत सामान्य रूप से मानवों की भोजन संस्कृति का प्रमुख अंग था।पारंपरिक रूप से शिकार करने के पीछे का कारण प्रमुख रूप से भोजन ही था। भारतीय अभी भी 70% माँसाहार करते हैं। वैकल्पिक श्रोतों की उपलब्धता और माँसाहार के पर्यावरण से जुड़े भयावह प्रभावों की रोशनी में माँसाहार का परित्याग करना वैज्ञानिक और तार्किक रूप से आवश्यक है।

तथ्यात्मक रूप से यह कहना सही होगा कि माँसाहार का विरोध नहीं है बल्कि जागरूकता बढ़ रही है इसके दुष्प्रभावों के संदर्भ में।2100 मे विश्व की आबादी करीब 10 अरब होगी और शाकाहारी भोजन प्रवृत्तियां ही मनुष्यों का पेट भर सकेंगी। ध्यान रहे 3 अरब से अधिक की ग्रहीय जनसंख्या माँसाहार करके पृथ्वी के अस्तित्व को नहीं बचा सकेगी।

naturalnews.co.in से साभार

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