पहले दिन बच्चे के स्कूल में घुसते ही टीचर्स की नजर उसके बैग पर पड़ी, पास बुलाकर बैग देखा तो आंसू निकल पड़े

नई ड्रेस, नये जूते, नया बैग, नया लंच बॉक्स और बोतल के साथ बच्चे का पहला दिन स्कूल में होता है. जिसे देखकर वो और उसके माता-पिता बहुत खुश होते हैं. ये सिर्फ अमीर और शहरी बच्चों के लिए होता है क्योंकि गरीब माता-पिता का बच्चा जब स्कूल जाने वाला होता है तो उससे ज्यादा उसके माता-पिता को उसकी ड्रेस से लेकर बैग, कॉपी-किताबे और फीस की चिंता होती है और तैयारियों में जुट जाते हैं. जरूरी नहीं कि वो बच्चे पहले दिन सब कुछ नया पहनकर जायें. कई बार तो माता-पिता ज्यादा खर्च की वजह से बच्चों की पढ़ाई भी रुकवा देते हैं, लेकिन आज हम आपको जिस गरीब परिवार के बारे मेंं बताने जा रहे हैं,उसने गरीबी के चलते अपने बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकवाई और घर में ही उसकी नई चीजे तैयार की. कहानी जानकर आप भी कहेंगे कि अगर सोच मजबूत होगी तो कोई भी काम संभव हो सकता है.

आज के समय में हर बच्चे के शौक होते हैं लेकिन जरूरतों के चलते उन बच्चों के शौक वहीं थम जाते हैं. कहते है ना कि माता-पिता अपनी जरूरतों का गला घोट सकते हैं लेकिन अपने बच्चों के शौक पूरे करते हैं. कम्बोडिया के रहने वाले किसान ने भी यही किया. उसके पास अपने बच्चे को स्कूल में पढ़वाने के लिए ज्यादा पैसे तो नहीं थे लेकिन उसके बावजूद उसने बच्चे के लिए घर में एक बेहतरीन बैग बनाया.

किसान ने जैसे-तैसे पैसे इक्ट्टा करके अपने बच्चे की कॉपी-किताबे खरीदी और स्कूल की फीस भरी. वहीं उसके हाथों द्वारा बनाये गये स्कूल बैग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. लोग उसकी तारीफ कर रहे हैं. बैग में किसान की गरीबी और मेहनत साफ-साफ दिख रही है.

बच्चा पहले दिन अपने नये बैग के साथ स्कूल पहुंचा तो टीचर्स की नजर उसके बैग पर गई और वो खुश हो गये. उन्होंने बच्चे से बैग के बारे में पूछा तो बच्चे ने कहा मेरे पिता ने बनाया अब तो टीचर्स का यकीन करना भी मुश्किल था. टीचर भावुक हो गई. टीचर ने बच्चे के बैग की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा कि जो माता-पिता बच्चे की महंगी-महंगी चीजें खरीदने में असमर्थ होते हैं वो इस बच्चे के पिता से आइडिया लें.

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