पहले बनाया 18 लाख का बिल, अब बेटी के पिता को खरीदने की कोशिश कर रहा है फोर्टिस अस्पताल!

नई दिल्ली: हरियाणा के गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में डेंगू से मौत के मामले आद्या के पिता ने बुधवार को आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें अस्पाताल के खिलाफ चल रहे अभियान को खत्म करने के लिए पैसे देने की पेशकश की थी। आद्या के पिता जयंत सिंह ने ये खुलासा तब किया जब हरियाणा सरकार की जांच रिपोर्ट में अस्पहताल की लापरवाही, अनैतिक और गैरकानूनी कृत्यों को की ओर इशारा किया।

आद्या के पिता जयंत सिंह ने बताया कि फोर्टिस अस्पपताल का एक सीनियर अधिकारी उनसे मिला था और 10,37,889 रुपये का चेक देना चाहा था जो पैसा मैंने अस्पताल को दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने इसके साथ 25 लाख रुपये अलग से देने का भी ऑफर किया था। उनका आरोप है कि इसके बदले में अस्पताल उनके परिवार के साथ एक कानूनी एग्रीमेंट करना चाहता था जिसमें अस्पताल के खिलाफ सोशल मीडिया पर कोई कैंपेन नहीं चलाया जाएगा और वह इस मामले को लेकर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।

आद्या को 31 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 14 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसे ‘हत्या’ करार दिया था। वहीं हरियाणा सरकार की समिति ने अस्पताल में कई अनियमितताओं की ओर इशारा किया, जिसके बाद अस्पताल ने अभी जांच रिपोर्ट की प्रति नहीं मिलने की बात कही और साथ ही समिति को पूरा सहयोग दिये जाने की बात कही। समिति की जांच रिपोर्ट के बाद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार प्राथमिकी दर्ज कराने की योजना बना रही है। उन्होंने चंडीगढ़ में संवाददाताओं से कहा कि ‘यह मौत नहीं, हत्या है।’’ जांच रिपोर्ट के संदर्भ में फोर्टिस हेल्थकेयर ने अपने बयान में कहा कि हमें जांच रिपोर्ट की प्रति अभी नहीं मिली है।

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि सरकार ने अस्पताल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नड्डा ने कहा कि जरूरी हुआ तो मामले में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मंत्रालय ने सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के पंजीकरण व विनियमन के संबंध में सभी राज्यों को पत्र लिखा है, जिससे सुविधाओं व सेवाओं के न्यूनतम मानक को निर्धारित किया जा सके। डब्ल्यूएचओ सम्मेलन से इतर नड्डा ने कहा था कि यह एक बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने फोर्टिस अस्पताल से एक मेडिकल रिपोर्ट मांगी है और हम इस मामले को देखेंगे व जरूरी हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में डेंगू के इलाज के दौरान सात साल के आद्या की मौत हो गई। आद्या के माता-पिता को उसके शव को 18 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद ले जाने दिया गया। आद्या के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि अस्पताल ने उनकी बेटी को इलाज के दौरान प्रतिक्रियाहीन रहने पर भी तीन दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा। लड़की की मौत 14 सितंबर को हुई थी। नड्डा ने कहा कि कृपया मुझे विवरण दीजिए। हम सभी जरूरी कार्रवाई करेंगे। जैसे ही यह सूचना वायरल हुई, अस्पताल ने एक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा। अस्पताल के अनुसार, आद्या को गुड़गांव के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में एक अन्य निजी अस्पताल से 31 अगस्त की सुबह लाया गया था।

अस्पताल ने अपने बयान में कहा कि आद्या को गंभीर डेंगू के साथ भर्ती किया गया था। यह डेंगू शॉक सिंड्रोम में बदल गया। उसे आईवी फ्लूइड व जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया, क्योंकि उसके प्लेटलेट काउंट में तेजी से गिरावट हो रही थी। उसकी स्थिति बिगड़ रही थी, उसे 48 घंटे जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया।”

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