पार्टी विधायकों की टीआरएस में विलय की चाह ‘लोकतंत्र की हत्या’ : कांग्रेस

नई दिल्ली: कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि तेलंगाना में उसके 12 विधायकों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष से कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में विलय के लिए आग्रह करना ‘लोकतंत्र की हत्या’ है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेरा ने कहा, “जिस तरह से जनादेश और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचला जा रहा है, भारतीयों को यह देखने की आदत नहीं है। यह दिन-दहाड़े लोकतंत्र की हत्या है। क्योंकि कोई सत्ता में है, उसके पास संसाधन है और एजेंसियों को नियंत्रित कर सकता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि सत्ता का दुरुपयोग किया जाए।”

खेरा ने कहा, “ये विधायक मतदाताओं द्वारा चुने गए थे जिन्होंने टीआरएस को खारिज कर दिया था और कांग्रेस के लिए वोट किया था। यह लोगों के जनादेश की हत्या है। भारत कभी भी इस दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या को नहीं भूलेगा।”

सदन में मुख्य विपक्षी कांग्रेस के 12 सदस्य हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीनिवास रेड्डी से मुलाकात की और टीआएएस में सीएलपी में विलय को लेकर एक पत्र सौंपा। वह बाद में मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के आधिकारिक आवास प्रगति भवन गए।

11 विधायकों ने पहले ही टीआरएस में शामिल होने की घोषणा कर दी थी। बाद में तांडू विधानसभा क्षेत्र के रोहित रेड्डी ने भी टीआरएस में शामिल होने की घोषणा कर दी।

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