पीएनबी महाघोटाला: कौन ठगवा नगरिया लुटल हो…

अखिलेश अखिल

पहले कबीर की कुछ पंक्तियाँ –
कौन ठगवा नगरिया लूटल हो
चंदन काठ के बनल खटोला
ता पर दुलहिन सूतल हो।
चार जाने मिल खाट उठाइन
चहुँ दिसि धूं धूं उठल हो।

कबीर की उपरोक्त पंक्तियाँ बहुत कुछ कहती है। इसके शाब्दिक अर्थ बड़े हैं और इन शब्दों के माध्यम से कबीर आत्मा -परमात्मा, शरीर और उसकी अंतिम परिणति के साथ ही शरीर रूपी जीव और उसके कर्मो को बताने की कोशिश कर रहे हैं। कबीर के ये शब्द बेजोड़ हैं और इन शब्दों के गूढ़ रहस्य भी। यहां तो हम इन शब्दों के मार्फ़त आधुनिक समाज और सियासत की बजबजाती राजनीति को मात्र रेखांकित करने की कोशिश भर कर रहे हैं। पीएनबी बैंक घोटाला को देखकर ऐसा लगता है कि सब कुछ जानबूझकर छोड़ दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी खुद जनता के सामने कहते रहे हैं कि वे देश के पहरेदार हैं और उनकी निगाह से कोई बच नहीं सकता। चोर ,लुटेरे और ठग देश को लूट नहीं सकते। लेकिन पीएम की पहरेदारी में ही नीरव रूपी डकैत बैंक में डाका डाल चम्पत हो गया और पहरेदार कुछ नहीं कर पाया। अब तो पहरेदार ही बताएँगे कि उनकी पहरेदारी सक्षम थी या नहीं। वे पहरेदार के काबिल हैं भी या नहीं। देश का मुखिया होने के नाते अब यह सवाल उनसे पूछा जाना चाहिए कि उनकी पहरेदारी में झोल कैसे आ गयी।

पहले ललित मोदी फिर विजय माल्या और अब नीरव मोदी देश में करोड़ों का घोटाला करके देश से भाग चुके हैं। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी से 11,400 करोड़ का घोटाला हुआ है। विशेषज्ञों की माने तो नीरव मोदी देश को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा गया है। देश के प्रधान सेवक खुद को चाय वाला तो कभी चौकीदार कहते हैं। लेकिन इतनी बड़ी लूट के बाद भी वो चुप हैं। अक्सर देखा जाता है कि हर बड़ी घटना के बाद वे मौन हो जाते हैं। लेकिन यह डकैती जब पीएम मोदी की पहरेदारी में हुयी है तब कुछ कहने को बच नहीं जाता।

”याद रखिये, मोदी जी ने खुद को चौकीदार कहा था, माइक्रो मैनेजर बताया था। अब जो हो रहा है, क्यों न कठघरे में चौकीदार को रखा जाए? क्यों हर ग़लत को भी सही बताया जाता है?” नीरव मोदी पीएनबी के एफआईआर कराने से पहले ही आसानी से देश को छोड़कर जा चुके था। नागरिक अपनी मेहनत की कमाई बैंकों में सुरक्षा और लाभ के दृष्टिकोण से रखता है लेकिन अब लाभ तो दूर की बात है रुपए सुरक्षित भी नहीं रह पा रहे हैं। आए दिन कोई न कोई बैंक का करोड़ों-अरबों रुपए लेकर चंपत हो जाता है और सरकार कुछ नहीं कर पाती।

नीरव भी विजय माल्या की राह पर चलते हुए देश का पैसा लेकर भाग चुका है। इस मामले को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर लगातार निशाना साध रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए कहा कि ”पंजाब नेशनल बैंक में ये क्या हो गया, 11,000 करोड़ से ज़्यादा का महाघोटाला। लोगों की जमापूंजी सुरक्षित नहीं है। यहाँ ज़रूरी है कि समय के साथ जांच हो। इसका नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ेगा”

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