पीएनबी महाघोटाले में नीरव मोदी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, अनेक स्थानों पर ईडी के छापे

मुंबई: पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित ब्रांच में 11360 करोड़ रुपए के फर्जी लेनदेन मामले में अरबपति ज्वैलरी डिज़ाइनर नीरव मोदी के घर और शोरूम के अलावा देश के 10-12 स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की। इस महाघोटाले के बुधवार को खुलासे के बाद से ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इस मामले में अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी (46) ने कथित रूप से बैंक की मुंबई शाखा से धोखाधड़ी वाला गारंटी पत्र (एलओयू) हासिल कर अन्य भारतीय ऋणदाताओं से विदेशी ऋण हासिल किया था। पीएनबी ने इस मामले में दस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।

बैंक का आरोप है कि नीरव, उनके भाई निशाल, पत्नी अमी और मेहुल चीनूभाई चोकसी ने बैंक के अधिकारियों के साथ साज़िश रचते हुए फर्जी लेनदेन को अंजाम दिया। पिछले सप्ताह भी सीबीआई ने नीरव मोदी के खिलाफ जांच करने की बात कही थी। उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी की गिनती देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे अमीर उद्यमियों में होती है। वे पहले ऐसे भारतीय कारोबारी हैं, जिनका जिनका नाम ही उनका ब्रांडनेम बन गया है। एक ताजा खुलासे के अनुसार यह जालसाजी सात साल पहले ही अंजाम दे दी गई थी। इसके बावजूद पीएनबी के उच्च‍ाधिकारियों को इसका पता नहीं चल पाया।

इस जालसाजी के सामने आने के बाद पीएमएलए की धारा तीन के तहत मामला दर्ज किया गया है। वित्त मंत्रालय के निर्देश मिलने पर सीबीआई ने भी मामला दर्ज कर लिया है। यही नहीं, सेबी भी न सिर्फ बैंक बल्कि शेयर बाजार में लिस्टेड कई कंपनियों के खिलाफ जानकारी छिपाने के मामले में जांच शुरू कर सकती है। पीएनबी की मुंबई की एक शाखा का एक कर्मचारी हीरा कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) प्रदान करता था, ताकि वे दूसरे बैंकों से सेक्योर ओवरसीज कर्ज हासिल कर सकें।

वित्तीय सचिव राजीव कुमार ने बताया, ‘हीरा कंपनी यह एलओयू किसी अन्य भारतीय बैंक की विदेशी शाखा को देती थी। यह पूरा फर्जीवाड़ा करीब 11,400 करोड़ रुपये का है।’ पीएनबी से हासिल इस एलओयू के आधार पर ही यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, एक्सिस बैंक आदि ने हीरा कंपनियों को कर्ज दिया। लेकिन पकड़े जाने से बचने के लिए पीएनबी के कर्मचारी बैंक के रजिस्टर में एलओयू को दर्ज ही नहीं करते थे।

पैसे चुकाने को मांगा छह माह का समय

सूत्रों के अनुसार 11500 करोड़ के घोटाले में नाम सामने आने के बाद नीरव मोदी ने पीएनबी बैंक को चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने पैसे चुकाने के लिए छह महीने का समय मांगा है। नीरव मोदी बैंक को चिट्ठी लिखकर पैसे चुकाने की बात कही है। उन्‍होंने कहा उनकी कंपनी फायरस्टार डायमंड की कुल कीमत 6,435 करोड़ है। वह उससे बैंक का पैसा चुका देंगे।

दावोस में हैं नीरव मोदी

सूत्रों के अनुसार नीरव मोदी इस समय स्विटजरलैंड के दावोस में है। गलैमर की दुनिया में नीरव मोदी जाना माना नाम है। 48 साल के नीरव मोदी के नाम से हीरों का बड़ा ब्रांड हैं। नीरव मोदी दुनिया की डायमंड कैपिटल कहे जाने बेल्जियम के एंटवर्प शहर के मशहूर डायमंड ब्रोकर परिवार से ताल्लुक रखते हैं। एक वक्त ऐसा था कि वो खुद ज्वैलरी डिजाइन नहीं करना चाहते थे, लेकिन पहली ज्वैलरी डिजाइन करने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा।

उनकी डिजाइन की हुई ज्वैलरी की कीमत करोड़ों तक होती हैं नीरव मोदी भारत के एकमात्र भारतीय ज्वैलरी ब्रांड के मालिक हैं जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हैं। उनके डिजाइन किए गए गहने हॉलीवुड की हस्तियों से लेकर देशी धनकुबेरों की पत्नियों के शरीर की शोभा बढ़ाते हैं।

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