पीएम आवास योजना से सुहागाबाई की तकदीर की तस्वीर बदली

रायपुर: घर बनाने के लिए जिसके पास स्वयं का जमीन भी ना हो ऐसे मजदूरी परिवार के लिए उनका स्वयं का घर बन जाना किसी सपने से कम नही है। पक्का मकान का सपना देखने वाली कबीरधाम जिले की सुहागाबाई का आज सपना सच हो गया है। उनका यह सपना पीएम आवास योजना से पूरा हुआ है। सुहागाबाई का कहना है कि सचमूच इस योजना से उनकी तकदीर की तस्वीर ही बदल गई है।

अगरीकला ग्राम पंचायत ज्ञानपुर का आश्रित गांव है। यह गांव जिला मुख्यालय कवर्धा से 27 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सुहागा बाई एक गरीब महिला है। वे अनुसूचित जाति वर्ग से आती है। इनकी दो पुत्री व एक पुत्र है। पति.पत्नी दोनों अशिक्षित है। इनके बच्चें शासकीय स्कूल में अध्ययन कर रहे है। पति व पत्नी दोनों मिलकर मजदूरी काम करते है। इन्हे सरकार की ओर से हर वर्ष 150 दिनों का मजदूरी भुगतान रोजगार गांरटी योजना के तहत दिया जाता है जिसके चलते इनका जीवन सरलता से चल पा रहा है।

गांव में जमीन नही होने के कारण इनके लिए एक घर का होना किसी सपने की तरह ही था लेकिन इस सपने को प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार कर दिया। ग्राम पंचायत की ओर से इन्हे शासकीय जमीन दी गईएताकि इस ग्ररीब परिवार के लिए पक्का आवास बन सके। पीएम आवास के लिए उन्हे पहली किस्त की राशि भी दी गई। इससे इन्होने अपने आवास का काम शुरू कर दिया और चौखट की उचाई तक काम लाने के लिए उन्हे दूसरी किस्त भी दी गई। इसके बाद उन्होनें आवास का काम पूरा कर लिया। इसके बाद उन्हे तीसरी किस्त की राशि भी दी गई।

इस तरह इस गरीब परिवार को अपना खुद का आशियाना मिल पाया। साथ ही उन्हे 95 दिन का रोजगार का भूगतान भी इस योजना के तहत किया गया। अब सोहागबाई के साथ इनका पूरा परिवार पक्के आवास में खुशहाली से जीवन व्यतीत कर रहा हे। ये प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रधानमंत्री के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भी आभार भी मानती है।

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