पीएम नरेंद्र बने भारतीय छात्रों के लिए ‘उम्मीदों का पुल’….

नई दिल्ली: यूक्रेन में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए भारत सबसे बड़ा ऑपरेशन (Operation Ganga) चला रहा है। ऐसे समय में जब पाकिस्तान, तुर्की, चीन, अमेरिका समेत दूसरे देश अपने नागरिकों को निकालने में असमर्थता जता रहे हैं या प्लान-B के इंतजार में बैठे हैं, मोदी सरकार न सिर्फ ताबड़तोड़ विशेष विमान भेज रही है बल्कि चार कैबिनेट मंत्रियों को विशेष दूत बनाकर मोर्चे पर तैनात कर दिया है। ये चारों मिनिस्टर यूक्रेन के पड़ोसी देशों में सीमा पार कर आ रहे भारतीय स्टूडेंट्स को स्वदेश पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक कार्टून शेयर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र को ‘उम्मीदों का पुल’ बताया है। इस तस्वीर के जरिए दिखाया गया है कि कैसे पीएम मोदी भारतीय छात्रों को घर लाने के लिए एक ब्रिज की तरह दिन-रात काम कर रहे हैं।

गोयल ने जो केरिकेचर शेयर किया है उसमें यूक्रेन के हालात को दिखाने की कोशिश की गई है। वहां कई देशों के छात्र और नागरिक हेल्प मांग रहे हैं लेकिन पाकिस्तान, चीन और अमेरिका अभी प्लान ही बना रहे हैं। वे अपने नागरिकों को बचाने के लिए कुछ भी नहीं कर रहे जबकि पीएम मोदी यूक्रेन से भारत लाने के लिए खुद ही पुल बन जाते हैं और छात्रों को भारत पहुंचा देते हैं।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर यह केरिकेचर शेयर किया है। इस पर लोगों की जबर्दस्त प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कू ऐप पर लोग ‘प्रधान सेवक को बहुत-बहुत धन्यवाद’, ‘अति प्रशंसनीय’, ‘जय हिंद’ लिख रहे हैं। वहीं ट्विटर पर कुछ घंटे में ही 3500 से ज्यादा रीट्वीट और 22 हजार से ज्यादा लोगों ने इस तस्वीर को लाइक किया है।

पीयूष गोयल के इस ट्वीट के जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी एक वीडियो शेयर किया है। इसमें यूक्रेन से लौटे कुछ छात्र अपनी भावनाएं शेयर करते दिखते हैं। ये छात्र कहते हैं, ‘इस हालात में यूक्रेन से अपने लोगों को निकालने के लिए केवल भारत सरकार मदद कर रही है…. कई देशों के लोग वहां मौजूद थे लेकिन उनकी कोई मदद नहीं हो रही थी। हमारा दूतावास काफी ऐक्टिव था…. मैं भारत सरकार और अपने पीएम को थैंक्यू कहती हूं।’ एक छात्र ने कहा कि जब हम यूक्रेन से बाहर निकले और तिरंगा देखा तो हम रिलैक्स हो गए… हमारे लिए काफी प्राउड मूमेंट था वहां पर।

जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया उस समय वहां करीब 18 हजार भारतीय छात्र फंसे थे। अबतक हजारों भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है। कुछ वीडियो में देखा गया कि पाकिस्तान और तुर्की के नागरिक भी भारत का तिरंगा झंडा थामे यूक्रेन से बाहर निकलने में कामयाब रहे।

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