पीएम मोदी की लोकप्रियता बरकरार, फिर भी बीजेपी परेशान 

दिल्ली ब्यूरो: आगामी लोसभा चुनाव को लेकर बीजेपी के बीच खलबली मची हुयी है। दो तरह की बातें है। पहली जानकारी है कि बीजेपी ने अभी हाल में एक आंत्रिक सर्वे कराया है जिसमे पीएम मोदी की लोकप्रियता आज भी बरकरार है। उनका मान सम्मान बना हुआ है। उनके मुकाबले पीएम उम्मीदवार के रूप में कोई खड़ा नहीं है। पीएम को आज भी बहुतेरे लोग पसंद कर रहे हैं लेकिन दूसरी खबर कुछ ठीक नहीं। बीजेपी के आंतरिक सर्वे कोई चार महीने के बीच कराया गया है। जुलाई से अक्टूबर के बीच का यह सर्वे बहुत कुछ कह रहा है।

यह सर्वे दिल्ली के करीब 34 हजार लोगो के बीच किया गया है।  यह सर्वे बीजेपी के लिए परेशानी वाला है। अलबत्ता कुछ अन्य मामलों में स्थिति उलट है। इसके मुताबिक केंद्र की प्रमुख योजनाएं लोगों के बीच उतनी लोकप्रिय नहीं हैं, जितनी अपेक्षा की जा रही थी। बताया जाता है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्र की प्रमुख योजनाओं को कम से कम 50 फ़ीसदी लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। लेकिन यह लक्ष्य अब तक औसत 37 फ़ीसदी के आसपास तक ही हासिल किया जा सका है। यहां तक कि ‘स्वच्छ भारत अभियान’ जैसे कार्यक्रम के प्रति भी लोगों ने बहुत उत्साह नहीं दिखाया है।

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सर्वे में नोटबंदी और जीएसटी  को तो 48 फ़ीसदी से अधिक लोगों ने ‘ख़राब’ क़दम बताया है। हालांकि ‘जीवन ज्योति बीमा’ (45 प्रतिशत) और ‘उज्जवला’ (53 फ़ीसदी) जैसी योजनाओं के प्रति समर्थन ‘संतोषजनक से बेहतर’ तक दिखा।  इसके अलावा 65 फ़ीसद के क़रीब लोगों ने यह भी माना कि नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में वैश्विक मंच पर भारत की साख बेहतर हुई है, बढ़ी है।  हालांकि इससे भाजपा संतुष्ट होगी ऐसा मानना ठीक नहीं होगा क्योंकि चुनाव उसे घरेलू मैदान में लड़ना है। माना जा रहा है कि बीजेपी के लोग अब सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए कई और एजेंसियों का सहारा लेने पर विचार कर रहे हैं।

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