पीएम मोदी ने शुरू की रोजगार योजना, 116 जिलों में मिलेगा फायदा

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के जरिए शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से कोरोना वायरस महामारी के कारण लॉकडाउन के दौरान अपने राज्य लौटे लाखों प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा। इस दौरान पांच राज्यों- बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद रहे। इसके अलावा योजना से संबंध रखने वाले मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री भी इसमें शामिल हुए।

पीएम ने बिहार रेजीमेंट की तारीफ की
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि लद्दाख में हमारे वीरों ने जो बलिदान दिया, आज जब मैं बिहार के लोगों से बातकर रहा हूं तो ये कहना चाहूंगा कि ये पराक्रम बिहार रेजीमेंट का है। हर बिहारी को इसपर गर्व होना चाहिए। जिन लोगों ने बलिदान दिया है उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। उनके परिजनों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि ये देश आपके साथ है। देश सेना के साथ है।

पीएम मोदी ने बाहर से लौटे लोगों से की बात
खगड़िया जिले के डीएम आलोक रंजन घोष ने पीएम मोदी का स्वागत किया। बेलदौर प्रखंड के तेलिहर गांव के मुखिया अजय ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जो अच्छी व्यवस्था की गई, उसके लिए मैं पीएम का धन्यवाद करता हूं। पीएम के पूछने पर मुखिया ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान करीब 475 लोग तेलिहर गांव लौटे, जिनके लिए सारी व्यवस्थाएं की गई। इसके लिए पीएम ने मुखिया को धन्यवाद किया।

सीता नाम गांव की महिला से पीएम ने पूछा कि कहां तक शिक्षा हुई। इसपर सीता ने बताया कि वह इंटर तक शिक्षा ली हैं। लॉकडाउन के दौरान सीता अपने पति के साथ दिल्ली में थी। काम बंद होने पर पूरा परिवार श्रमिक ट्रेन से गांव लौटी। पीएम ने सीता से पूछा आपकी कोई शिकायत नहीं है मेरे लिए। पीएम के पूछने पर सीता ने बताया कि वह मधुमक्खी पालन के लिए सोच रही है। हमारा देश मोम और मधु दोनों बाहर से लाता है। अगर आप यह काम शुरू करेंगी तो देश का भला होगा।

हरियाणा के गुरुग्राम से बिहार लौटे जर्नादन ने बताया कि वह राज मिस्त्री हैं। जर्नादन ने बताया कि वह 12 साल से गुरुग्राम में काम करते थे। जर्नादन ने बताया कि ट्रेन में काफी अच्छी सुविधा थी। पीएम के पूछने पर जर्नादन ने बताया कि अब गांव में ही नली-गली का काम मिल गया है। पीएम ने बताया कि इस योजन में मजदूर कम हो जाएंगे।

चंदन नामक शख्स ने पीएम को बताया कि राजस्थान के अजमेर में सात महीने से थे। उसके पहले आसाम में थे। चंदन टावर लगाने का काम करते हैं। चंदन ने बताया कि लॉकडाउन में फ्री में अनाज मिलने से काफी मदद मिली। पीमएम ने बताया कि टॉवर लगाने का काम 21वीं सदी के लिए काफी उपयोगी है। पीएम मोदी ने कहा कि इस योजना से आप जैसे कुशल लोगों से काफी भला होगा।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के लिए नीतीश ने पीएम की तारीफ की
इससे पहले योजना के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मैं गरीब कल्याण रोजगार अभियान के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद करता हूं। दूसरे राज्यों काम करने वाले बिहार के लोगों को काफी कष्ट हुआ। हमने करीब 21 लाख लोगों को एक-एक हजार रुपये दिए। केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई ट्रेन सेवा से करीब 20 लाख लोग बिहार लौटे। क्वारंटीन सेंटरों में आए लोगों से बातचीत में पता चला कि ये लोग बाहर नहीं जाना चाहते हैं।

तो हमने भी उन्हें घर पर ही रोजगार देने के बारे में सोचा है। केंद्र की योजना राहत देने वाली है। बिहार के 38 में से 32 जिलों का चयन रोजगार कल्याण योजना के लिए चुना गया है। इस योजना की शुरुआत के लिए खगड़िया जिले का चुनाव करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद।

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