पीएम से लॉकडाउन पर चर्चा, नीतीश ने उठाया कोटा के छात्रों का मुद्दा

नई दिल्ली: जानलेवा कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की। कोरोना वायरस महामारी को लेकर देश के हालात के बीच इस बातचीत में कई मुख्यमंत्रियों ने पीएम के सामने अपनी बात कही। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक में कोटा में रह रहे बच्चों का मसला उठाया, तो गुजरात के मुख्यमंत्री ने टेस्टिंग से जुड़ी जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि कोटा समेत अन्य राज्यों से छात्रों को वापस बुलाने पर एक ही नीति बननी चाहिए। नीतीश बोले कि जब साफ कहा गया कि राज्य-जिले में आना-जाना बंद हो, फिर भी कुछ राज्य बच्चों को बुला रहे हैं। लेकिन हम सिर्फ केंद्र के फैसले का पालन कर रहे हैं, बच्चों के अलावा नीतीश ने मजदूरों को लेकर भी नीति बनाने को कहा।

ज्ञात हो कि कोटा में हजारों की संख्या में बच्चे लॉकडाउन के दौरान फंस गए थे। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत अन्य कई राज्यों ने अपने यहां के बच्चों को बस भेजकर वापस बुलवा लिए, लेकिन बिहार सरकार ने ऐसा नहीं किया। जिसके बाद बिहार सरकार की लगातार आलोचना हो रही थी।

नीतीश के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने टेस्टिंग, ट्रीटमेंट को लेकर जानकारी दी और राज्य के हालात से अवगत करवाया। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बैठक में पीएम मोदी की तारीफ की और कहा कि लॉकडाउन का फैसला बिल्कुल सही समय पर लिया गया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जानकारी दी कि यमनोत्री, गंगोत्री के कपाट खोल दिए गए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोरोना वायरस से जुड़े अपडेट दिए और किसान मंडियों की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। बैठक में करीब 9 मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखी। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में राज्यों से अपनी जगह की स्थिति के अनुसार प्लान तैयार करने को कहा है। जिसमें रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के लिए नीति बनाने को कहा गया है, ताकि लॉकडाउन को हटाया जा सके।

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