पुलिस अभिरक्षा में युवक की मौत मामले में सरकार को नोटिस

लखनऊ ब्यूरो। मानवाधिकार आयोग ने अमरोहा जनपद के पुलिस अभिरक्षा में हुई दलित युवक की मौत पर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी की है। मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक एक सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देंगे।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने धनोरा मंडी थाने की हवालात में पुलिस अभिरक्षा में हुई बालकिशन की मौत को संज्ञान में लिया है। इस सम्बन्ध में शुक्रवार को आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी की है। नोटिस में कहा गया है कि पुलिस युवक को किस मामले में उठाकर लायी थी।

परिजनों के मुताबिक, पुलिस अगर युवक को चार दिन पहले थाने लायी थी, दोषी होने पर उसे जेल क्यों नहीं भेजा गया। इसके अलावा अगर वह निर्दोश था तो उसे छोड़ा क्यों नहीं गया। आरोप है कि थाने से छोड़ने पर पुलिस ने एक लाख रुपये लिये हैं। इन सब बिन्दुओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक एक सप्ताह के भीतर इस प्रकरण में अपनी रिपोर्ट आयोग को देंगे।

गौरतलब है कि धनोरा मंडी थाने की हवालत में 26 दिसम्बर को बसी शेरपुर निवासी बालकिशन (30 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी। पत्नी कुंती का आरोप है कि पुलिस द्वारा ज्यादा पिटाई के कारण उसके पति की पुलिस अभिरक्षा में मौत हुई थी। पति को छोड़ने के एवज में थाना प्रभारी ने एक लाख रुपये भी लिया था, लेकिन थाने से छोड़ा नहीं। दलित युवक की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान में लिया।

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