पूर्वाचल-गंगा एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर यूपी की लाइफ लाइन

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पूर्वाचल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और डिफेंस कारिडोर प्रदेश के अर्थव्यवस्था की लाइफ लाइन बनेगी। तीनों परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रोजेक्ट मैनेजर अपनी साइट पर ही रहेंगे, जिससे गुणवत्ता में कोई कोताही न होने पाए। आडिट में अगर किसी भी तरह की कोई कमियां मिली तो प्रोजेक्ट मैनेजर की जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को यहां लोकभवन में पूर्वाचल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और डिफेंस कारीडोर के कायरे की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पूर्वाचल एक्सप्रेसवे में सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में जमीन अधिग्रहण में देरी को लेकर नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि 50 करोड़ के ऊपर वाली परियोजना की मुख्य सचिव हर 15 दिन पर संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा करेंगे। 100 करोड़ से ऊपर वाली परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी नजर रखेंगे, इस पर हर महीने वह स्वयं वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट में पुल, पुलिया, आरओबी, फ्लाई ओवर समय से बनने चाहिए।

रेलवे उपगामी सेतु के निर्माण में तेजी लाने के लिए रेल मंत्रालय से बातचीत के साथ साथ पत्र व्यवहार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि डेढ़ महीने में सभी पुल, पुलिया और आरओबी के साथ फ्लाई ओवर के निर्माण शुरू होने चाहिए। गंगा एक्सप्रेसवे के कायरे की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना पर तत्काल अप्रूवल लेकर कार्य प्रारंभ किया जाना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि एक्सप्रेसवे से संबंधित नोटिफिकेशन जारीकर इन क्षेत्रों की जमीन के खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक लगाएं। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी, सूचना निदेशक शिशिर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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