पूर्व आईजी ने कासगंज हिंसा को लेकर उठाए सवाल

लखनऊ ट्रिब्यून ब्यूरो: सेवानिवृत आईजी एसआर दारापुरी ने कासगंज हिंसा में चंदन गुप्ता को गोली मारे जाने के मामले में कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटनास्थल समेत कई इलाकों का दौरा करने और अलग-अलग पक्षों से बात करने के बाद एक संदेश डीजीपी ओपी सिंह को भेजा है। एस आर दारापुरी एक फैक्ट फाइंडिंग टीम के साथ शुक्रवार को कासगंज गए थे।

बकौल दारापुरी, ख़बरों के अनुसार, चंदन को सलीम ने अपने घर की छत से गोली मारी थी। यदि इसे सही मान लिया जाए तो गोली ऊपर से नीचे को तिरछी लगनी चाहिए थी और घाव के गिर्द चमड़ी जलने से काली नही पड़नी चाहिए थी परंतु चित्र में गोली के घाव से तो यह दिखता है कि यह बहुत नजदीक से सीधी मारी गयी है। इससे स्पष्ट है कि सलीम द्वारा छत से गोली मारने की बात एकदम गलत है।

कासगज में सलीम के घर के पास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि घटना के समय सलीम अपने घर पर नहीं था। इसके इलावा यह भी पता चला है कि सलीम के घर से बरामद 12 बोर की बंदूक तथा पिस्टल लाइसेंसी हैं। जाँच दल को उस जगह के आसपास के लोगों ने बताया कि घटना के समय चंदन और उसके साथी फायरिंग करते हुए सलीम के घर की तरफ आये थे जिस पर हिन्दू तथा मुसलमान लोगों ने मिल कर इस लिए पथराव किया था क्योंकि उसी समय गली में स्कूल के बच्चे छूट रहे थे जिन्हें बचाने के लिए उन्होंने इन दंगाईयों पर पथराव किया था। उन लोगों ने यह भी बताया कि सलीम के घर के पास न तो कोई फायर हुए था और न ही कोई मारपीट। वहां पर पुलिस मौजूद थी जिसने फायर तथा बल प्रयोग करके दंगायियों को खदेड़ दिया था।

इससे स्पष्ट है कि सलीम के घर के पास कोई फायर नहीं हुए था और चंदन को गोली किसी दूसरी जगह लगी थी परंतु उसे रंजिशवश सलीम द्वारा किया जाना दिखाया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस घटना के संबंध में चंदन के भाई द्वारा घटना के 14 घंटे बाद 24 मुसलमानों के विरुद्ध दंगा करने तथा गोली मारने का आरोप लगाया गया है। उसमें में भी सलीम द्वारा गोली मारने की बात नहीं लिखी गयी है।
अब सवाल उठता है कि चंदन को गोली लगी कहां पर? एक संभावना यह है जब सलीम के घर के पास पुलिस द्वारा दंगाईयों को रोकने के लिए फायरिंग की गई हो तब उसे गोली लगी हो।

परंतु यह भी संभव नहीं हैं क्योंकि पुलिस कभी भी इतने नज़दीक से फायर नहीं करती है। यह हैरानी की बात है कि पुलिस ने अपने द्वारा लिखाई गयी प्रथम सूचना रिपोर्ट में फायर करने की बात नहीं लिखी है। अब चंदन को गोली लगने की केवल एक ही संभावना है और वह है उसके अपने साथियों द्वारा। घटनास्थल के वीडियो से स्पष्ट है कि घटनास्थल के पास चंदन के दो साथी फायर कर रहे थे। यह संभव है कि उनमें से ही किसी एक की गोली लगी हो जो कि स्वाभाविक भी लगता है।

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