पोस्टमार्टम की चल रही थी तैयारी, तभी युवक के शरीर में दिखी हलचल और फिर

मुर्दे कभी बोलते नहीं है, मुर्दे कभी ज़िंदा नहीं होते. ये वाक्य तो आपने पहले भी कई बार सूना होगा, अब इसको उलटा करके देखिये सोचिये की मुर्दा हिलने लगा तो जी हाँ ये खबर हैरान करने वाली है. जहां एक युवक को पोस्टमार्टम करने के लिए लाया गया लेकिन वो ज़िंदा निकला, सोच कर देखिये जिस युवक को पोस्टमार्टम की टेबल पर लेटाया गया था, अचानक से वो हिलने लगा, उसके शरीर में डॉक्टर्स को मूवमेंट दिखाई देने लगी. इसे देखकर वहां मौजूद डॉक्टर भी हैरान रह गए.

दरअसल ये खबर है कर्नाटक के बागलकोट जिले कली. जहाँ 27 साल के युवक के पोस्टमॉर्टम से पहले एक अजीब घटना घटी, ऐसी घटना जिसने सबको हैरत में डाल दिया, खबर है कि जिस युवक को मृत घोषित कर उसे पोस्टमॉर्टम की टेबल पर लाया गया था, वह पोस्टमार्टम की कार्रवाई से पहले जिंदा मिला. और इस बात की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोगों ने उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में कराया.

बताया जा रहा है कि शहर के महालिंगापुर का रहने वाला शंकर शन्मुख गोम्बी शनिवार को एक सड़क हादसे के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस घटना में घायल होने के बाद उन्हें बेलगावी के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था. हालत काफी नाजुक होने के बाद चिकित्सकों ने वेंटिलेटर से हटाने के बाद शंकर को मृत घोषित कर दिया था.

मृत घोषित किये जाने के बाद रविवार को शंकर के शव को एक सरकारी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया. जिस वक्त वहाँ मौजूद डॉक्टर पोस्टमॉर्टम करने की तैयारी कर रहे थे, शंकर के शरीर में चिर फाड़ करने ही वाले थे. उसी वक्त शंकर के शरीर में कुछ मूवमेंट देखी गई. शंकर के अंदर अभी जान बाकी थी. अभी उसका आखिरी समय नहीं आया. ये बात वहां मौजूद डॉक्टर्स को भी मालुम चल गई. इस बारे में ताल्लुक हेल्थ ऑफिसर जीएस गालागली ने बताया कि पोस्टमॉर्टम टेबल पर रखे शंकर के शरीर को देखने पर पता चला कि उनका हाथ और पैर काम कर रहा था. इन अंगों में मूवमेंट देखने के बाद चिकित्सकों में हड़कंप मच गया और फौरन डॉक्टरों ने परिवार को इसकी जानकारी दी.

परिवार वालों ने तत्काल डॉक्टरों से कहा कि वह शंकर को और बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पताल में ले जाना चाहते हैं. इसके बाद पोस्टमॉर्टम हाउस से ही शंकर को एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. परिवार के सदस्यों का कहना है कि चिकित्सकों की एक टीम अब इस अस्पताल में शंकर का इलाज कर रही है. ज़ाहिर है शंकर के ज़िंदा होने की खबर से परिवार वालों को राहत मिली होगी.

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