पौधों से लाएं गुडलक

कई ऐसे पौधे भी होते हैं, जो आपको गुडलक देते हैं। इन पौधों में अपामार्ग, एलोवेरा, पुनर्नवा, सर्पगंध शामिल हैं। सबसे दिलचस्प तो यह है कि इन पौधों के औषधीय और ज्योतिषीय दोनों लाभ होते हैं। आइए आपको बताते हैं इन पौधों के बारे में।

यह तो आप भी जानते हैं कि पौधे हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी होते हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को ही यह बात पता होगी कि पौधों का प्रयोग ज्योतिष में भी किया जाता है। अपामार्ग, एलोवेरा, पुनर्नवा, सर्पगंध जैसी कई ऐसी वनस्पतियां हैं जिनके औषधीय और ज्योतिषीय दोनों लाभ होते हैं। सबसे पहले बात करते हैं एलोवेरा की। एलोवेरा को घृतकुमारी भी कहा जाता है। आमतौर पर पत्थरों के बीच में पैदा होने वाली इस वनस्पति को अब लोग घरों में भी खूब लगाते हैं। यह त्वचा और सौंदर्य के अमृत के समान है। इसके प्रयोग से चेहरे की झुर्रियां तक गायब हो जाती हैं।

कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के लोगों के लिए यह संजीवनी के समान होता है। इसी तरह अपामार्ग बाग-बगीचों और झाडिय़ों में आसानी से मिल जाता है। इसकी पहचान यह है कि इसके पौधे के पास जाने पर इसके छोटे-छोटे कांटेदार फूल कपड़ों से चिपक जाते हैं। इसकी जड़ की दातून करने से दांतों की हर प्रकार की समस्या दूर हो जाती है। वृष, कन्या और मकर राशि के जातकों को इसकी जड़ और पत्तियों का प्रयोग करना चाहिए।

पुनर्नवा को आम बोलचाल की भाषा में गदपूरना भी कहा जाता है। पुनर्नवा लाल और सफेद दो प्रकार की होती है। हालांकि सफेद पुनर्नवा ज्यादा लाभकारी होती है। पीलिया का रोग पुनर्नवा के प्रयोग से बहुत जल्द ठीक होता है। मेष, सिंह और धनु राशि वालों के लिए पुनर्नवा का सेवन बहुत लाभकारी होता है। सर्पगंधा के पत्ते लंबे, चमकीले और नोकदार होते हैं। इसके प्रयोग से सर्प और बिच्छू का विष नष्ट होता है, साथ ही मानसिक रोग और अनिद्रा में भी यह लाभकारी होता है। मिथुन, तुला और कुंभ राशि वालों के लिए इसका प्रयोग अच्छा रहता है। चौलाई के पौधे बहुतायत में हर जगह पाए जाते हैं। इसके अंदर स्वर्ण में मिलने वाले गुण पाए जाते हैं। इसका नियमित सेवन करने से अनीमिया दूर हो जाता है। जिनकी कुंडली में मंगल कमजोर हो, उन्हें इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

दूब हर जगह पाई जाने वाली एक विशेष तरह की घास है, जिसे महाऔषधि भी कहा जाता है। दूब को पीस कर पैरों पर रखने से बिवाईयां ठीक हो जाती हैं। दूब का ताजा रस सुबह पीने से मानसिक रोगों में अदभुत लाभ होता है और त्वचा के रोगों से मुक्ति मिलती है। अगर कुंडली में बुध या चंद्र कमजोर हो, तो दूब का सेवन जरूर करें।

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