प्रचंड हुआ ओखी, सोलह की ली जान, सेना ने दो सौ मछुआरों को बचाया

चेन्नई: तमिलनाडु और केरल को चपेट में लेने वाले ओखी चक्रवात ने प्रचंड रूप ले लिया है। शुक्रवार को यह चक्रवात अरब सागर में आगे बढ़ गया। चक्रवात के कारण अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि, समुद्री लहरों में फंसे दो सौ मछुआरों को सेना ने बचा लिया। तिरुवनंतपुरम के जिला आयुक्त के. वासुकी ने बताया कि केरल के दक्षिणी जिलों से समुद्र में गए करीब 150 मछुआरों को बचाया जा चुका है।

तमिलनाडु और केरल में गुरुवार से हो रही तेज वर्षा में दोनों राज्यों के नौ लोगों की मौत हो चुकी है। तमिलनाडु में शुक्रवार को और एक आदमी की मौत होने से राज्य में वर्षा जनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वमी ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

रक्षा प्रवक्ता ने बताया केरल से 38 चालक दल के साथ रवाना हुई 13 नौकाएं और चार लोगों को लेकर रवाना हुई तमिलनाडु की एक नौका लापता है। मौसम विभाग ने कहा है कि तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तूतीकोरिन और तिरुनेलवेली जिले में शुक्रवार को तीसरे दिन भी वर्षा होती रही। हालांकि चक्रवात का खतरा कम हो गया है। क्योंकि गुरुवार को कन्याकुमारी से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिस्टम अरब सागर की तरफ बढ़ गया है। भारत मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह जारी बुलेटिन में कहा- “ओखी चक्रवात तेज होकर प्रचंड हो गया है।

मिनिकाय द्वीप से यह करीब 110 किलोमीटर उत्तर पूर्व में स्थित है। अगले 24 घंटों में यह लक्षद्वीप को पार कर सकता है।” हवा की रफ्तार 110-120 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। अगले 24 घंटों में लक्षद्वीप के आसपास या उसके ऊपर हवा की रफ्तार 130 किलोमीटर तक हो सकती है। दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर निम्नदाब का क्षेत्र बन गया है।

अगले 48 घंटे में यह दबाव का रुख अख्तियार कर सकता है और तमिलनाडु में और वर्षा हो सकती है। क्षेत्रीय मौसम केंद्र के निदेशक एस. बालचंद्रन ने शुक्रवार को कहा कि अगले चार दिनों में यह उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र तट की तरफ बढ़ सकता है।

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