प्रदेश में अधिकाधिक नयी एमएसएमई इकाइयों की स्थापना, रोजगार सृजन, पूंजी निवेश तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हेतु उद्योग विभाग द्वारा एमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2022 लागू

बरेली, 11 जनवरी। संयुक्त आयुक्त उद्योग श्री ऋषि रंजन गोयल ने बताया कि प्रदेश में अधिकाधिक नयी एमएसएमई इकाईयों की स्थापना, रोजगार सृजन, पूंजी निवेश तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हेतु उद्योग विभाग द्वारा एमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2022 लागू की गयी है। लखनऊ ट्रिब्यून से विशेष वार्ता में उन्होंने कहा कि प्लाण्ट मशीनरी में रू0 1 करोड़ का निवेश व 5 करोड़ टर्नओवर करने वाली इकाईयॉं सूक्ष्म उद्यम तथा 10 करोड़ निवेश व 50 करोड़ टर्नओवर करने वाली इकाईयॉं लघु उद्यम श्रेणी में मानी जायेंगी जबकि मध्यम श्रेणी में 50 करोड़ निवेश व 250 करोड़ टर्नओवर वाली इकाईयॉ शामिल की जाती हैं। उन्होंने कहा कि स्थायी पूंजी निवेश करने वाली सभी नयी एमएसएमई को पूंजी उपादान का लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को किये गये स्थायी पूंजी निवेश के सापेक्ष क्रमशः 20, 15, 10 प्रतिशत का पूंजी उपादान दिये जाने का प्राविधान किया गया है। इसके अतिरिक्त महिला/एससी/ एसटी उद्यमियों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजी उपादान दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि महिला/एससी/एसटी इकाईयों से तात्पर्य ऐसी इकाईयों से है जिनकी अंशपूंजी/ शेयर 51 प्रतिशत अथवा उससे अधिक होगी। इस तरह का पूंजी उपादान 4 करोड़ प्रति इकाई की अधिकतम सीमा तक देय होगा। उन्होंने कहा कि पूंजीगत उपादान के अतिरिक्त सूक्ष्म श्रेणी की इकाईयों को किसी बैंक/वित्तीय संस्था से लिये गये ऋण का 50 प्रतिशत ब्याज उपादान भी 5 वर्षों के लिए अधिकतम रू0 25 लाख प्रति इकाई देय होगा। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ या इससे अधिक निवेश करने वाली सभी नयी खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों को 5 वर्षों के लिए मण्डी शुल्क में छूट भी प्रदान की जायेगी। सभी नयी एमएसएमई को नियोक्ता के ईपीएफ के शत प्रतिशत अंश की प्रतिपूर्ति 5 वर्षों तक राज्य द्वारा की जायेगी।

संयुक्त आयुक्त उद्योग ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एमएसएमई को आवश्यक मूलभूत सुविधायें एवं भूमि दिये जाने के उद्देश्य से निजी औद्योगिक पार्कों के विकास पर भी विशेष छूटों का प्राविधान किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे पार्क का क्षेत्रफल 10 एकड़ अथवा उससे अधिक होना चाहिए, पार्क के विकास के लिए लिये गये ऋण पर ब्याज प्रतिपूर्ति के रूप में 7 वर्षों के लिए वार्षिक ब्याज का 5 प्रतिशत अधिकतम रू0 2 करोड़ प्रतिवर्ष देय होगा तथा स्टाम्प शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट उपलब्ध होगी। ऐसे पार्कों के अतिरिक्त फ्लैटेड फैक्ट्री काम्पलैक्स के विकास पर भी इसी प्रकार छूट उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि जनपद बरेली व समूचे पश्चिमांचल में महिला उद्यमियों को स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत छूट तथा अन्य सभी को 75 प्रतिशत छूट उपलब्ध होगी एवं लघु उद्योगों के लिए रू0 2 करोड़ के कोलेटरल फ्री ऋण हेतु बैंकों द्वारा सीजीटीएमएसई हेतु ली जाने वाली फीस का शत प्रतिशत भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा। इसके अतिरिक्त गुणवत्ता को बढ़ाने तथा अन्तर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त करने के लिए सभी एमएसएमई इकाईयों को कुल आने वाली लागत का 25 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति के रूप में अथवा रू0 50 हजार से लेकर रू0 5 लाख की अधिकतम सीमा तक प्रतिपूर्ति दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अन्तराष्ट्रीय पेटेंट एवं जीआई पंजीकरण दाखिल करने में आने वाली लागत का 75 प्रतिशत रू0 10 लाख की अधिकतम सीमा तक प्रतिपूर्ति की जायेगी। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र द्वारा सभी नये उद्यमियों को सहायता देने तथा दिनांक 10-12 फरवरी, 2023 के दौरान आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में रू0 10 लाख करोड़ के निवेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से विकसित निवेश सारथी पोर्टल पर नये उद्यमियों का पंजीकरण कराने हेतु सहायक आयुक्त उद्योग की टीम बनाकर हेल्प डेस्क स्थापित की गयी है। उन्होंने कहा कि सभी नये उद्यमी तथा एक्सपेंशन करने वाले उद्यमी सभी कार्य दिवसों में हेल्प डेस्क से सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं अथवा इस हेतु बनाये गये व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किये जाने हेतु अपना व्हाट्सएप नंबर श्री कौशल श्रीवास्तव, सहायक प्रबंधक के व्हाट्सएप नंबर 8447142678 पर भेज सकते हैं।
बरेली से ए सी सक्सेना की रिपोर्ट

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