प्रदेश में आए कामगारों और श्रमिकों को रोज़गार के लिए उद्योगों से मिलाया जाए: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान खाद्यान्न किट वितरण, भरण-पोषण भत्ता और श्रमिकों और कामगारों की स्किल मैपिंग पर आज विशेष चर्चा की। मुख्यमंत्री ने निर्देशित करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में विभिन्न स्किल के जो कामगार और श्रमिक आए हैं, ऐसे लोगों को इंडस्ट्री से मिलाया जाए। उन्होंने एमएसएमई विभाग को निर्देशित किया कि विभाग औद्योगिक संगठनों से संपर्क कर शीघ्र ही आए हुए श्रमिकों को औद्योगिक इकाइयों से जोड़ते हुए रोजगार मुहैया कराने के लिए कार्यक्रम आयोजित करे। मेडिकल इन्फेक्शन से बचने और गेहूं खरीद के लिए समर्थन मूल्य में मजबूती से कार्य करने का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया है।

उक्त जानकारी बुधवार को यहां लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सीएम हेल्पलाइन के फीडबैक मैकेनिज्म को मज़बूत कर प्रत्येक श्रमिक को फोन करके पूछा जाए कि वह किस क्षेत्र में पारंगत हैं और क्या कौशल उनके पास है, ताकि उनके लिए रोजगार देने की जो योजना बन रही है, उसको गति मिले। मुख्यमंत्री ने आज समीक्षा बैठक के पूर्व चिकित्सा शिक्षा मंत्री एवं वित्त मंत्री के साथ जाकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं का जायज़ा लिया।

मुख्यमंत्री ने लोहिया अस्पताल के हर एक पहलू की जांच करते हुए इमरजेंसी सुविधाओं का जायज़ा लिया। उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल के स्टाफ को निर्देश दिया कि कोई भी लाइन में खड़ा ना रहे और मरीजों को तत्काल सुविधा दी जाए। उन्होंने इमरजेंसी सेवाओं पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि सभी जगह इमरजेंसी सेवाओं को मज़बूत कर मरीजों को उपचार दिया जाए। मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ेगी और ऐसे में इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करना अतिआवश्यक है। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि कोविड अस्पतालों को संक्रमण से मुक्त रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रोटोकॉल का अवश्य  पालन किया जाए। कामगारों और श्रमिकों की स्क्रीनिंग के लिए क्वारंटाइन सेंटरों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने का भी उन्होंने निर्देश दिया। उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिया की क्वारंटाइन सेंटरों में किसी प्रकार की कोई समस्या ना आए।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि प्रदेश में खाद्यान्न की पोर्टेबिलिटी को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बाहर से कोई कामगार या मज़दूर आता है और उसके पास किसी अन्य प्रदेश का राशन कार्ड है तब भी उसे प्रदेश सरकार राशन मुहैया कराएगी। इस व्यवस्था को और मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनके राशन कार्ड बनाए जाएं और इसी क्रम में कार्य करते हुए अब तक लाखों राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि जो नए अस्पताल बनाए जा रहे हैं, उनमें अब कम से कम 100 बेड की व्यवस्था हो।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने जानकारी देते हुए कहा कि अब तक 1337 ट्रेनें प्रदेश में आ चुकी हैं। दिल्ली से काफी मात्रा में ट्रेनें चलाई जा रही हैं और जो भी लोग दिल्ली से अपने घर पहुंचना चाहते हैं, वो जल्द से जल्द ट्रेन का सहारा लेकर अपने घर पहुंच सकते हैं। सिद्धार्थनगर में 26 मई तक सबसे अधिक 1 लाख 47 हज़ार से अधिक लोग आ चुके हैं। जिलों में पहुंचे लोगों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि महराजगंज जिले में 1 लाख 3 हज़ार 786 लोग, सहरानपुर में 68 हज़ार लोग आए हैं। प्रत्येक जिलों में काफी मात्रा में लोग आ रहे हैं। इनकी स्किलिंग, भरण-पोषण, रोजगार, स्वास्थ्य की व्यवस्था करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि मास्क ना पहनने पर कार्रवाई की जा रही है और अबतक लगभग 13 हज़ार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने बताया कि इस संक्रमण से अभी तक 178 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इस समय आइसोलेशन वार्ड में 2895 लोग रखे गए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। फैसिलिटी क्वारंटाइन में इस समय 9558 लोग रखे गए हैं, जिनके सैंपल लेकर उनकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कल कुल 7407 सैंपल्स की जांच की गई और पूल टेस्टिंग के माध्यम से 676 पूल लगाए गए। अबतक 12396 इलाकों में सर्वेलेंस का कार्य किया गया है और 3 करोड़ 69 लाख 87 हज़ार 490 लोगों का सर्वेलेंस किया गया।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि आरोग्य सेतु एप का हम लगातार उपयोग कर रहे हैं और अबतक 36 हज़ार 786 लोगों को हमारे कंट्रोल रूम से फोन कॉल किए गए हैं, जिसमें 97 लोगों ने बताया कि वो संक्रमित हैं और उनका इलाज जारी है। 47 लोगों ने बताया कि उन्हें संक्रमण था लेकिन अब वो इलाज के बाद पूरी तरह से ठीक हैं। आशा वर्कर के द्वारा अबतक 9 लाख 60 हज़ार 933 प्रवासी कामगारों को ट्रैक किया गया है, जिसमें से 945 लोगों में संक्रमण के लक्षण देखे गए हैं। इनका सैंपल लेकर जांच करवाई जा रही है। उन्होंने लोगों को घर में रहने की अपील की और कहा कि इस बीमारी से घबराना नहीं है बल्कि हिम्मत के साथ सावधान रहकर लड़ना है।

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