प्रद्युम्न हत्याकांड: सीबीआई की रडार पर आखिर कौन?

नई दिल्ली: प्रद्युम्न हत्याकांड के आरोपी छात्र के खिलाफ अदालत में पेश की जाने वाली सीबीआइ की चार्जशीट पर हर किसी की नजर है। चार्जशीट पेश होते ही उन सभी के नामों का खुलासा हो जाएगा जिन लोगों ने हत्या के बाद साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने को लेकर प्रबंधन को सलाह दी, जिन लोगों ने बस सहायक अशोक को फंसाया और जिन लोगों ने आरोपी छात्र को बचाने का प्रयास किया। इस तरह चार्जशीट में केवल आरोपी छात्र का ही नाम नहीं होगा, बल्कि हत्या के बाद जिन लोगों ने जिस स्तर पर भूमिका निभाई, उसका उल्लेख उनके नाम के साथ होगा।

गांव भोंडसी के नजदीक स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल की दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या आठ सितंबर को स्कूल के ही बाथरूम में गला रेतकर कर दी गई। मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी ने हत्या के कुछ ही घंटे बाद बस सहायक अशोक को आरोपी बताकर गिरफ्तार कर लिया था। सीबीआइ ने जब जांच शुरू की तो एसआइटी की पूरी थ्योरी ही पलट गई। आरोपी के रूप में 11वीं कक्षा के छात्र को गिरफ्तार किया गया है। बस सहायक अशोक के बारे में सीबीआइ ने विशेष अदालत में स्पष्ट रूप से कहा है कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है।

इससे साफ है कि अशोक को मामले में फंसाया गया। सूत्र बताते हैं कि अशोक को फंसाने में किन-किन लोगों ने भूमिका निभाई और आरोपी छात्र को बचाने में किन-किन लोगों ने भूमिका निभाई, सभी के बारे में सीबीआइ ने जानकारी हासिल कर ली है। कुछ से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। प्रबंधन के ऊपर आशंका इसलिए है क्योंकि हत्या के बाद आनन-फानन में खून साफ कराने का प्रयास किया। हत्या के घंटों बाद आरोपी छात्र स्कूल में रहा। अशोक को क्लीन चिट मिलने के साथ ही एसआइटी के ऊपर अशोक को फंसाने का आरोप अपने आप ही तय हो जाएगा।

सीबीआइ यह भी खंगाल रही है कि आरोपी छात्र ने हत्या की जानकारी किस-किस को दी थी, उसके परिजनों ने आगे जानकारी किस-किस को दी। इसके बाद उसे बचाने के लिए किस-किस से सहायता ली गई। सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल का कहना है कि यदि अशोक को सीबीआइ ने सौ फीसद निर्दोष मान लिया है (अभी जांच चल रही है) फिर अशोक एसआइटी के खिलाफ मामला दर्ज कराए या नहीं कराए सीबीआइ अपनी तरफ से कार्रवाई करेगी ही।

एसआइटी के ऊपर अशोक को फंसाने का मामला चलेगा। सभी के नाम चार्जशीट में शामिल किए जाएंगे। उन सभी के नाम शामिल किए जाएंगे जिन्होंने मामले को दबाने, छिपाने या अशोक को फंसाने में भूमिका निभाई है। कइयों से सीबीआइ ने पूछताछ भी शुरू कर दी है। निर्दोष को फंसाने के महापाप से पीछा किसी का नहीं छूटने वाला।

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