प्रधानमंत्री जी इधर भी देखिए! 7000 करोड़ खर्च होने पर भी गंगा मैया के नहीं आये अच्छे दिन

नई दिल्ली: एनजीटी ने उत्तराखंड सरकार को गोमुख और हरिद्वार के बीच गंगा नदी की सफाई के लिए उठाए गए कदमों पर एक ताजा रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। गंगा की सफाई के लिए पर्यावरणविद अधिवक्ता महेन्द्र चन्द्र मेहता की याचिका पर न्यायमूर्ति जावद रहीम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने इस बारे में आदेश दिया और कहा कि पेश रिपोर्ट में खामियां हैं और इसमें यह नहीं बताया गया है कि अधिकरण के निर्देशों का पालन किया गया है या नहीं।

खंडपीठ ने सभी संबंधित पक्षों को पूरक रिपोर्ट की प्रति देने के बाद एक सप्ताह के भीतर इसे दाखिल करने का निर्देश दिया। अधिकरण ने कहा कि हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि आगे कोई समय निर्धारित नहीं की गई है। खंडपीठ ने बताया कि उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से रिपोर्ट दायर की गई है।

हम इसकी सुनवाई दूसरे मामलों के साथ ही करेंगे। इस मामले की सुनवाई अब 13 मार्च को होगी। अधिकरण ने कहा था कि सरकार ने दो साल में गंगा को साफ करने पर 7,000 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं लेकिन अभी भी गंगा एक गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा बनी हुई है।

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