प्रधानमंत्री जी! हमारे कब आएंगे अच्छे दिन

भोपाल: केंद्र सरकार सौभाग्य योजना को लागू करने के लिए मध्यप्रदेश में बिना बिजली वाले घरों के सर्वे की जिम्मेदारी केंद्रीय डाक विभाग को सौंपी गई थी। मध्य प्रदेश के 12000 डाकियों ने 6 नवंबर से 31 दिसंबर 2017 तक पूरे प्रदेश का सर्वे किया।

एक करोड़ 11 लाख 12821 घरों का सर्वे किया गया। इसमें एक करोड़ 6 लाख 87220 घरों में बिजली के कनेक्शन पाए गए। 4 लाख 25601 घरों में बिजली के कनेक्शन नहीं मिले हैं। प्रधानमंत्री सहज बिजली, हर घर योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक देश के हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तैयार किया गया है।

केंद्र सरकार की इस योजना में बिजली कनेक्शन के साथ हर घर में पांच एलईडी बल्ब. एक पंखा और एक बैटरी भी दिया जाना है। जिन गांव में बिजली पहुंचना संभव नहीं है। वहां सौलार पैक दिए जाने की योजना है। इस योजना में 60 फ़ीसदी खर्च केंद्र सरकार कर रही है। 10 फ़ीसदी राज्य सरकारों को खर्च करना है तथा 30 फ़ीसदी कर्ज बैंकों से उपलब्ध कराया जायेगा।

मध्यप्रदेश में पिछले 15 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद बिजली कनेक्शन को लेकर वर्तमान केंद्र सरकार और भाजपा ने कांग्रेस सरकारों को कटघरे में खड़ा किया था किंतु मध्य प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर घरों में बिजली नहीं होगी, सर्वे में यह पहली बार उजागर हुआ है।

डाक विभाग द्वारा की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार आदिवासी एवं नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। बालाघाट, डिंडोरी, मंडला तथा सिवनी जिले के लगभग 62384 घरों में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। वही शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, सीधी और सिंगरौली के 58198 घरों में बिजली नहीं पहुंची है। छिंदवाड़ा और बैतूल के 40369 घर अभी भी अंधेरे के साए में बने हुए है।
मध्यप्रदेश में इस वर्ष विधानसभा का चुनाव भी होना है। राज्य सरकार की प्राथमिकता घर-घर बिजली पहुंचाने की होगी।

मध्य प्रदेश के डायरेक्टर जनरल रामचंद्र के अनुसार देश के 4 राज्यों में केंद्रीय डाक विभाग ने सर्वे किया है। मध्यप्रदेश में सर्वे के दौरान 425000 घरों में बिजली नहीं होने की बात सामने आई है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper