प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा निधि का गठन करेगी मोदी सरकार, दिल्ली के 60 लाख को फायदे वाले बिल पर संसद की मुहर

नई दिल्ली: सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत आधार देने के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा निधि का गठन करने का फैसला किया है जो स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर से बनेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा निधि में वित्त अधिनियम 2007 की धारा 136-बी के तहत प्राप्त स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर की राशि आएगी और यह जब्त नहीं होने वाली निधि होगी। निधि का इस्तेमाल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की प्रमुख योजना आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, आयुष्मान भारत- स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आदि पर व्यय किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए धन जुटाया जा सकेगा और दूर दराज के क्षेत्रों में सेवायें उपलब्ध करायी जा सकेगी।

दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों की पहचान कर उनके नियमितीकरण के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के कानूनों में संशोधन करने वाले विधेयक पर मंगलवार को संसद की मुहर लग गयी जिससे दिल्ली की करीब 60 लाख की आबादी को फायदा होगा। राज्यसभा से पारित राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2021 को लोक सभा में भी आज संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित कर दिया। इसे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान) (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश 2020 के स्थान पर लाया गया है। शहरी विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस विधेयक को सदन में पेश किया। केंद्र सरकार के लिए मंगलवार को लोक सभा में एक विधेयक पेश करेगी।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से करीब 1800 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों पर 31 दिसंबर 2023 तक सीलिंग का खतरा नहीं रहेगा। इससे पहले चर्चा शुरू करते हुए भाजपा की मीनाक्षी लेखी ने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली को सिंगापुर बनाने की घोषणा की है। दिल्ली में जब-जब चुनाव करीब आता है तो आप पार्टी ऐसी घोषणाएं करती है लेकिन उसने अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए सर्वेक्षण तक नहीं किया जिससे यह अध्यादेश एवं विधेयक लाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने इस बारे में गलत जानकारियां दी हैं। यदि इन कॉलोनियों को नियमित किया जाएगा तो उन्हें बिजली, सीवर एवं पानी की सुविधा मिल सकेगी और उनका जीवन आसान हो सकेगा।

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