प्रवीण तोगड़िया को पीजीआई में भर्ती परमहंस दास से मिलने से रोका गया

लखनऊ ब्यूरो। संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में भर्ती तपस्वी छावनी अयोध्या के महंत परमहंस दास से मिलने से डाॅ. प्रवीण तोगड़िया को रोक दिया गया। अयोध्या में मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अनशनरत परमहंस दास को प्रशासन ने उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सोमवार को पीजीआई में भर्ती कराया था। डाॅ. तोगड़िया मंगलवार को महंत परमहंस दास से मिलने पीजीआई पहुंचे थे। पीजीआई प्रशासन ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए तोगड़िया को ​मिलने से रोक दिया।

डाॅ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि रामभक्तों की सरकार ने मुझे मिलने से रोका। उन्होंने कहा कि एक कैंसर सर्जन डाॅक्टर को परमहंस से मिलने से रोका गया। मैं मिलता तो उनको अच्छी सलाह देता। प्रधानमंत्री पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार मंदिर मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही। नरेन्द्र मोदी को इंदौर की मस्जिद से मुहब्बत है, लेकिन मंदिर के लिए समय नहीं है।

प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि संत परमहंस को खींचकर बलपूर्वक ले जाकर पुलिस ने उनका अपमान किया है। संत का ये अपमान भगवान राम का है अपमान। सत्ता में बैठे लोग राम मंदिर बनाना नहीं चाहते। राम मंदिर की बात करने वालों का दमन किया जा रहा है लेकिन सौ करोड़ हिंदुओं की आवाज़ कोई नहीं दबा सकता। पूरे देश से 21 अक्टूबर को अयोध्या कूच की तैयारी है।

पीजीअाई के निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि लंबे समय से उपवास पर रहने के कारण कीटोन बढ़ गया है। शरीर में पानी की कमी हो गयी है। ग्लूकोज का स्तर कम हो गया, जिसके कारण गुर्दा पर असर पड़ता है। पानी की कमी के कारण शरीर के दूसरे अंगों की कार्य प्रणाली भी बाधित होती है। पल्स रेट कम है। स्थित फिलहाल क्रिटिकल है। सांस ठीक चल रही है। रक्त में आक्सीजन की मात्रा भी ठीक है, जिसके कारण वेंटीलेटर की जरूरत नहीं है। महंत विशेषज्ञों की देख-रेख में है। वार्ड की बाहर भारी संख्या में पुलिस तैनात है। इनसे मिलने पर रोक लगा दिया गया है।

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