प्रशांत किशोर के संदेश के बाद ट्विटर पर भिड़े टीएमसी और कांग्रेस नेता

नई दिल्ली /कोलकाता: कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच संबंध शुक्रवार को उस समय और निचले स्तर पर पहुंच गए जब प्रशांत किशोर के संदेश के बाद बघेल ने ममता बनर्जी की नंदीग्राम की हार पर सवाल उठा दिया। वहीं इसके बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने भी 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में राहुल गांधी की हार पर कटाक्ष किया और पूछा कि क्या कांग्रेस ट्विटर ट्रेंड के जरिए इस हार को जीत में बदल सकती है।दोनों पार्टियों के खिलाफ शुक्रवार सुबह ट्विटर पर उस समय जुबानी जंग शुरू हो गई जब चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए एक संदेश में कहा कि जो लोग लखीमपुर खीरी की घटना के बाद सबसे पुरानी पार्टी (जीओपी) कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के त्वरित पुनरुद्धार की संभावना तलाश कर रहे हैं, वे बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं।

किशोर ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि लखीमपुर खीरी की घटना के आधार पर जीओपी (कांग्रेस) के नेतृत्व वाले विपक्ष के त्वरित, सहज पुनरुद्धार की संभावना तलाश कर रहे लोग बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं। उन्होंने कहा था कि दुर्भाग्य से जीओपी की गहरी समस्याओं और संरचनात्मक कमजोरी का कोई त्वरित समाधान नहीं है।बघेल ने किसी पार्टी का नाम लिए बिना ट्वीट करते हुए लिखा कि अपनी सीट भी नहीं जीत पाने वाले आईएनसी पदाधिकारियों को अपने पाले में ले जाकर एक ‘राष्ट्रीय’ विकल्प की तलाश करने वाले लोग गलतफहमी में हैं। एक राष्ट्रीय विकल्प बनने के लिए गहरी जड़ें और ठोस प्रयासों की आवश्यकता होती है और दुर्भाग्य से इसका कोई त्वरित समाधान नहीं है। बघेल का इशारा साफ तौर पर ममता बनर्जी की नंदीग्राम सीट से हार और कांग्रेस की पूर्व सांसद और इसकी महिला इकाई की प्रमुख सुष्मिता देव तथा गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन्हो फलेरियो को टीएमसी में शामिल होने को लेकर था।

वहीं बघेल के इस ट्वीट के बाद टीएमसी ने भी पलटवार किया और इसे ‘आलाकमान को खुश करने का घटिया प्रयास’ बताया। टीएमसी ने ट्वीट किया कि ‘पहली बार मुख्यमंत्री बने व्यक्ति की बड़ी-बड़ी बातें। अपनी हैसियत से ऊंची बात करना आपको शोभा नहीं देता भूपेश बघेल। यह आलाकमान को खुश करने का कितना घटिया प्रयास है! वैसे, क्या कांग्रेस एक और ट्विटर ट्रेंड के जरिए अमेठी की ऐतिहासिक हार को मिटाने की कोशिश कर रही है?’ टीएमसी का साफ इशारा राहुल गांधी की तरफ था जो कि अमेठी से लोकसभा चुनाव हार गए थे।

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