प्राइमरी स्कूल में रायफल के जिन्दा कारतूस मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस जाँच में जुटी

लखनऊ ब्यूरो। राजधानी के हजरतगंज इलाके के नरही के एक प्राइमरी स्कूल में रायफल कारतूस से भरा बैग मिलने से हड़कंप मच गया है। स्कूल में बने स्टोर रूम की सफाई हो रही थी, तभी स्टोर रूम में रखे बक्से में कारतूस, रायफल, सीलिंग कड़ी और रायफल को साफ करने का यंत्र मिलने से शिक्षकों में सनसनी फैल गई जिसकी सूचना विद्यालय में मौजूद शिक्षा खंड अधिकारी अनीता ने पुलिस को दी। आनन-फानन में हजरतगंज पुलिस और सीओ समेत भारी पुलिस पहुंच गई ।

मौके पर पहुंची पुलिस ने बॉक्‍स को कब्‍जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि बरामद जिंदा कारतूस व खोखों में कुछ डमी भी हैं। पुलिस के मुताबिक, कारतूसों की गिनती की जारी है। फिलहाल यह स्‍पष्‍ट नहीं हो स‍का है कि विद्यालय के अंदर कैसे पहुंचे। मामले की छानबीन की जा रही है।बीएसए और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक विद्यालय का कमरा पिछले लगभग चालीस वर्षों से बंद पड़ा है। यहां कई अन्‍य बाक्‍सों में सामान रखा हुआ मिला है। जांच की जा रही है।

जब पुलिस ने शिक्षा खंड अधिकारी अनीता से इसकी जानकारी मांगनी चाही तो वह जानकारी नहीं दे सकी बस उनका कहना था कि यह कमरा लगभग 30-40 सालों से बंद था जिसकी सफाई के लिए आज खुलवाया गया जिसमें यह सब पाया गया। इसके बाद पुलिस ने बीएसए अधिकारी अमरकांत को मौके पर बुलाकर जानकारी में जुट गई है।

बीएसए अधिकारी ने बताया की स्टोर रूम में सफाई करवाई जा रही थी जिसमें बक्से भी थे जिनको सफाई के बाद प्राथमिक विद्यालयों को दिया जाता जिससे की वह अपने जरूरी कागजात उसमें रख सके। फिलहाल पुलिस ने कारतूसों को कब्जे में ले लिया है जिसकी वह जांच कर रही है

४० वर्षो से बंद था कमरा

हजरतगंज सीओ अभय मिश्रा ने बताया की विद्यालय के अंदर सफाई के दौरान एक बक्से में रायफल, कारतूस, चिंदी, सीलिंग कड़ी और रायफल को साफ करने का यंत्र भी मिला है । जिसको कब्जे में लेकर जांच की जा रही है । साथ ही विद्यालय के अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी की इस तरह का सामान विद्यालय के अंदर कैसे पहुंचा है ।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ------------------------- ------------------------------------------------------ -------------------------------------------------------- ------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------- --------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------   ----------------------------------------------------------- -------------------------------------------------- -----------------------------------------------------------------------------------------
----------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper