प्रीति जिंटा के जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

नई दिल्ली: ‘वीर-जारा’, ‘कल हो ना हो’, ‘कोई मिल गया’, ‘कभी अलविदा ना कहना’ जैसी फिल्मों में नजर आईं बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा अपने गालों के खूबसूरत डिंपल और मासूम चेहरे से सभी को अपना दीवाना बना चुकी हैं। उन्होंने बॉलीवुड को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। वह तेलुगू, तमिल और पंजाबी फिल्म-उद्योग का जाना-माना नाम है। उन्हें उनकी पहली फिल्म ‘दिल से’ के लिए बतौर सर्वश्रेष्ठ नई अदाकारा फिल्मफेयर अवार्ड से नवाजा गया। इसके बाद वर्ष 2003 में उन्हें फिल्म ‘कल हो ना हो’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

प्रीति जिंटा 31 जनवरी, 1975 को हिमाचल प्रदेश के शिमला में जन्मीं। उनकी मां का नाम नीलप्रभा था। उनके पिता दुर्गानंद जिंटा सैन्य अधिकारी थे। मगर प्रीति जब 13 वर्ष की थीं, उसी समय पिता का साथ छूट गया। एक कार दुर्घटना ने उनसे उनके पिता को छीन लिया। इस हादसे से आहत उनकी मां दो साल तक बिस्तर पर ही रहीं। उस कार दुर्घटना ने प्रीति के जीवन को पूरी तरह बदलकर रख दिया। हंसती, खिलखिलाती, मौज करने वाली प्रीति के कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी आ गई। उनके दो भाई भी हैं- दीपांकर और मनीष। दीपांकर प्रीति से बड़े हैं। वह भारतीय थलसेना में अधिकारी हैं, जबकि मनीष उनसे छोटे हैं और कैलिफोर्निया में रहते हैं।

अभिनेत्री ने अपनी प्राथमिक शिक्षा शिमला के कॉन्वेंट ऑफ जीजस एंड मेरी बोर्डिग स्कूल में पूरी की। बोर्डिग स्कूल में भले ही उन्हें अकेलापन महसूस होता था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि वहां उन्हें कई बेहद अच्छे दोस्त मिले। वह होनहार छात्रा थीं, उन्हें साहित्य पढ़ना बेहद पसंद रहा है। अपने खाली समय में वह बास्केटबॉल खेला खेलती थीं। स्कूली पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने सेंट बेडेज कॉलेज से अंग्रेजी में ऑनर्स किया। इसके बाद उन्होंने मनोविज्ञान में एमए की डिग्री हासिल की।

प्रीति ने मॉडलिंग में अपनी किस्मत आजमाई। उसी दौरान एक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में उनकी मुलाकात एक निर्देशक से हुई और उन्होंने उन्हें अपनी एड एजेंसी से एक विज्ञापन करने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने विज्ञापन की दुनिया में कई विज्ञापन किए, जिनमें लिरिल साबुन और पर्क चॉकलेट प्रमुख हैं। वे फिल्मी करियर की शुरुआत शेखर कपूर द्वारा निर्देशित ‘तारा रमपमपम’ से करने वाली थीं। इसमें उनके साथ ऋतिक रोशन थे, लेकिन यह फिल्म किसी कारण से बन नहीं सकी। तब शेखर कपूर ने निर्देशक मणिरत्नम को शाहरुख खान और मनीषा कोइराला अभिनीत फिल्म ‘दिल से’ में उन्हें लेने का आग्रह किया। इसमें प्रीति सहायक अभिनेत्री के तौर पर नजर आईं।

इस फिल्म में केवल वह 20 मिनट ही दिखाई दीं, लेकिन उन्होंने इस 20 मिनट के अभिनय से लोगों के दिलों में छाप छोड़ी। इस फिल्म में उनके बेहतरीन अभिनय के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ नई अदाकारा के अवार्ड से भी नवाजा गया। उनकी बतौर मुख्य नायिका फिल्म ‘सोल्जर’ थी। इसमें वह बॉबी देओल के साथ दिखीं। यह उस वर्ष की सुपरहिट फिल्म साबित हुई। इसके बाद उन्होंने ‘संघर्ष’, ‘मिशन कश्मीर’, ‘अरमान’, ‘फर्ज’, ‘ये रास्ते प्यार के’, ‘कोई मिल गया’, ‘दिल चाहता है’, ‘सलाम-नमस्ते’, ‘कभी अलविदा ना कहना’, ‘दिल से’, ‘इश्क इन पेरिस’, ‘क्या कहना’, ‘दिल है तुम्हारा’ जैसी खूबूसरत फिल्मों में अभिनय किया।

उन्होंने अपने टेलीविजन करियर की शुरुआत टीवी चैनल कलर्स पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शो ‘गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड-अब इंडिया तोड़ेगा’ से की थी। इस शो में वह बतौर जज की भूमिका में नजर आई थीं। वह साल 2015 में नृत्य आधारित रियलिटी शो ‘नच बलिए’ में भी निर्णायक मंडल की सदस्य के रूप में दिखाई दीं। प्रीति अपनी खूबसूरती को लेकर सुर्खियां बटोरती रही हैं। वह किंग्स इलेवन पंजाब की सह-मालकिन भी हैं। हाल ही में वह इंडियम प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें सीजन की नीलामी के पहले दिन नजर आईं। जन्मदिन के मौके पर उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की शुभकामना!

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