प्रेमिका पर गड़ासे से हमला कर खुद ट्रेन से कटा

लखनऊ: दो साल से लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहे हृदेश व शांति के बीच पड़ रही दरार शनिवार रात गहरी हो गयी। पहले नशे को लेकर झगड़ा हुआ और फिर रविवार सुबह हृदेश ने गड़ासे से शांति के गले पर वारकर दिया। चींख-पुकार सुनकर पड़ोसी दौड़े तो वह भाग निकला। घटन की सूचना मिलते ही नाका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आनन-फानन में घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, रिपोर्ट दर्ज कर नाका पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी, तभी खबर मिली कि पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए हृदेश ने सरोजनीनगर के अनौरा गांव स्थित रेलवे लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शिनाख्त के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

ऐशबाग के चित्ताखेड़ा निवासी हृदेश राजपूत उर्फ गुड्डू (35) पान की दुकान चलाता था। करीब दो साल से फैजाबाद के खण्डासा निवासी शिव कुमार की पत्नी शांति लिव-इन-रिलेशनशिप में नाका के मोतीनगर नेहरुनगर में रह रही थी। शनिवार रात हृदेश घर लौटा। उसे नशे में देख शांति ने टोका तो उनके बीच झगड़ा होने लगा। कुछ देर बाद दोनों शांत हुए और फिर सो गये।रविवार सुबह शांति बिस्तर पर लेटी थी। इसी बीच हृदेश ने गड़ासे से उसकी गर्दन पर जोरदार वारकर दिया। चींख सुनकर पड़ोसी मदद के लिए दौड़े तो आरोपित हृदेश गड़ासा फेंककर भाग निकला। पड़ोसी कमरे में पहुंचे तो खून से लथपथ शांति मिली। मोहल्लेवालों ने कंट्रोल रूम पर सूचना दी। जानकारी मिलते ही नाका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आनन-फानन में शांति को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया।

उधर, सूचना मिलते ही मवैया मछली मण्डी में मामा के साथ रहने वाला शांति का बेटा शिव कुमार भी पहुंचा। पुलिस ने शिव कुमार की तहरीर पर हृदेश के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की। इंस्पेक्टर नाका परशुराम सिंह ने बताया कि नामजद आरोपित हृदेश उर्फ गुड्डू की तलाश में टीमें लगी थी। इसी बीच खबर मिली कि उसने सरोजनीनगर के अनौरा गांव स्थित रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली है।इससे पहले लखनऊ-कानपुर रेलखण्ड के अमौसी रेलवे स्टेशन स्थित अनौरा गांव स्थित रेलवे ट्रैक पर सुबह करीब बजे क्षत-विक्षत हालत में युवक का शव मिला। रेलवे स्टेशन के पोर्टर राजेश कुमार ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर इंस्पेक्टर धम्रेश शाही मौके पर पहुंचे। पुलिस वहां मौजूद लोगों की मदद से शिनाख्त के प्रयास कर रही थी।इसी बीच अमौसी गांव निवासी उर्मिला राजपूत वहां आयी। उसने शव की पहचान हृदेश के रूप में की। उर्मिला ने बताया कि करीब दस साल पहले उन्होंने बेटी की शादी हृदेश से की थी। कुछ दिन के बाद पति-पत्नी में अनबन हो गयी थी।

इसके बाद बेटी मायके आ गयी थी और फिर नहीं गयी थी। करीब दो साल पहले हृदेश का सम्पर्क शांति से हुआ और वे मोतीनगर में किराए पर रहने लगे।इंस्पेक्टर नाका ने बताया कि घायल शांति से बात की गयी तो उसने कहा कि हृदेश कई दिनों से उसपर कोर्ट मैरिज का दबाव बना रहा था। रोज-रोज की पीने की हरकतों व झगड़े के चलते वह राजी नहीं हो रही थी। अक्सर शराब पीने के बाद हृदेश उसके साथ मारपीट करता था। शनिवार रात भी शराब के लिए टोकने पर हृदेश ने मारा-पीटा था।इंस्पेक्टर ने बताया कि शांति पर हमले के बाद फरार हुए हृदेश को इस बात का एहसास था कि उसे जेल जाना पड़ेगा। गिरफ्तारी से पीछा छुड़ाने के लिए जब हृदेश के पास कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने मौत को गले लगाने की ठान ली। इसके बाद उसने सरोजनीनगर में जाकर ट्रेन के आगे छलांग लगा ली।

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