प्रोसेस्ड मांस के पैकेट पर भी सचित्र चेतावनी छापने की मांग

नई दिल्ली: देश में फास्ट फूड के तौर पर प्रोसेस्ड या फ्रीज्ड मांस के उपयोग में हो रही बढोतरी तथा इससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां होने की आशंका के मद्देनजर आज राज्यसभा में इस तरह के मांस के पैकेट पर सचित्र चेतावनी छापे जाने की मांग की गयी।

भारतीय जनता पार्टी के महेश पोद्दार ने शून्यकाल के दौरान यह मांग करते हुये कहा कि देश में इस तरह के मांस की मांग में जबरदस्त बढोतरी हुयी है जो चिंता की बात है क्योंकि इसी तरह के मांस के उपयोग से अमेरिका में कैंसर जैसी घातक बीमारियां तेजी से फैली है। उन्होंने कहा कि भारत में फास्ट फूड रिटेल चैन इस तरह के मांस का व्यापक पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं और भारतीय युवा भी बड़ी तेजी से इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह के मांस से होने वाली बीमारियों को लेकर लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है। जिस तरह से सिगरेट के पैकेट के 85 प्रतिशत हिस्से पर सचित्र चेतावनी छापी जाती है उसी तरह से प्रोसेस्ड मांस के पैकेट पर सचित्र चेतावनी छापे जाने का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि लोगों को इस तरह के मांस के खतरों के प्रति जागृत किया जा सके।

समाजवादी पार्टी के रेवती रमण सिंह ने भी कैंसर का मुद्दा उठाते हुये कहा कि इससे हर साल 12 से 14 लाख लोगों की माैत हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देने तथा इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जांच की व्यवस्था की जानी चाहिए। कम से कम सप्ताह या महीने में एक बार शिविर लगाकर इसकी जांच की जानी चाहिए ताकि लोगों में इसके प्रति जागरूकता भी आ सके और इसके प्रसार को रोकने में मदद मिल सके।

 

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