प्‍लाज्मा थेरेपी बना वरदान, कोरोना से जंग जीतेगा मध्‍य प्रदेश

भोपाल। मध्‍य प्रदेश में कोरोना (कोविड-19) वायरस का संकट लगातार गहराता जा रहा है। डॉक्‍टरों के लगातार के प्रयास से लोगों का जीवन तो बचाया जा रहा है लेकिन इस वायरस से मरने वालों की संख्‍या भी कोई कम नहीं। प्रदेश में कोरोना के नए मरीज मिलने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। रविवार को भी 56 नए मरीज मिले और आठ मरीजों की मौत हो गई। कुल मरीजों का आंकड़ा 2137 के पार हो गया और प्रदेश लगातार 105 मौतों के साथ ही तीसरे स्‍थान पर चल रहा है। ऐसे में अब चिकित्‍सकों के सामने प्‍लाज्‍मा थेरेपी ही वरदान के रूप में सामने है, जिसके जरिए मरीज को कम समय में स्‍वस्‍थ कर उसके घर भेजा जा सकता है। सभी आवश्‍यक मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में भी इसके जरिए कोविड-19 का इलाज शुरू कर दिया गया है।

राज्‍य में इसकी सफल शुरूआत इंदौर से हुई है, प्रयोग के तौर पर आरंभ इस थेरेपी के परिणाम अब तीन दिन बाद आएंगे, जिसके बाद ही इससे प्रदेश के सभी कोरोना प्रभावित जिलों में इलाज शुरू कर दिया जाएगा। वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि जो भी अस्पताल इस प्लाज्मा थेरेपी के माध्यम से इलाज करना चाहते हैं, वे तत्काल ई-मेल के माध्यम से आईसीएमआर को सूचित करें ताकि वे गाइडलाइन का पालन करते हुए इलाज कर सकें। इसके लिए उन्हें तत्काल अनुमति मिल जाएगी। उन्‍होंने बताया कि अभी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी की अनुमति देने का दो दिन पूर्व अनुरोध किया गया था। उनके निर्देश पर इंदौर में यह इसकी शुरुआत हुई है। मुझे भरोसा है कोरोना पर विजय पाने में यह थेरेपी कारगर साबित होगी।

प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग मध्‍य प्रदेश से पहले दिल्‍ली, केरल, गुजरात, उत्‍तरप्रदेश में शुरू कर दिया गया है। कोरोना से पहले भी कई बार संकट के मौके पर प्लाज्मा थेरेपी अपना सटीक काम कर चुकी है। सार्स, एच1एन1, इबोला और मर्स जैसे खतरनाक वायरस के इंफेक्शन को रोकने के लिए प्लाज्मा थेरेपी से इलाज किया जा चुका है, जिसमें काफी हद तक वायरस को हराने में यह कामयाब साबित हुई है।

यही कारण है कि इस वक्‍त दुनियाभर में कई अन्य देशों में इस थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत के अलावा अमेरिका, स्पेन, दक्षिण कोरिया, इटली, टर्की और चीन समेत कई देशों में इसका इस्तेमाल हो रहा है। चीन के बुहान में कोराना से जंग जीतने में इसी थेरेपी का सबसे बड़ा रोल होना बताया जा रहा है, जिसके बाद अब यहां कोरोना संक्रमण शून्‍य पर पहुंच गया है। इन्‍हीं सकारात्‍मक परिणामों के कारण ही मध्‍य प्रदेश में भी इसका प्रयोग शुरू किया गया है। बस इस थेरेपी में जरूरत सबसे अधिक प्‍लाज्‍मा की है, वह भी उस मरीज की जो अब कोरोना से पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर जा चुका है।

फिलहाल, इंदौर से इस थेरेपी की शुरूआत अरबिंदो अस्पताल से की गई है। इमरजेंसी क्लीनिकल ट्रायल के आरंभ में यहां सबसे पहले तीन चिकित्‍सक सामने आए हैं, जो पहले कोरोना संक्रमित थे। स्वस्थ होने के 14 दिन बाद इन डॉक्टरों का प्लाज्मा लेकर अस्‍पताल में भर्ती तीन मरीजों में इंजेक्ट किया गया है। डॉ. आकाश तिवारी, डॉ. इजहार मोहम्मद मुंशी और डॉ. इकबाल कुरैशी ने 500-500 एमएल प्लाज्मा अरबिंदो अस्पताल में दान किया है, जिसके कि परिणाम पांच दिन में सामने आ जाएंगे।

इस संबंध में सोमवार अरबिंदो अस्पताल के चेयरमैन डॉ विनोद भंडारी ने बताया कि भारत में इसके इस्‍तमाल से दिल्ली में चार मरीज ठीक हो चुके हैं। इसी तरह से आरसीएमआर ने तय मापदंडों के साथ ही अन्‍य राज्‍यों में इसका प्रयोग आरंभ किया गया है, हमारे यहां भी निश्‍चित किए गए मापदंडों का पालन करते हुए क्लीनल ट्रायल शुरू हुआ है। जिसके परिणाम इस सप्‍ताह के अंत तक सामने आ जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि यह प्लाज्मा थैरेपी कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए काफी मददगार है। क्‍योंकि कोरोना वायरस से स्‍वस्‍थ हुए लोगों के प्लाज्मा में इसके खिलाफ आइजीएम और आइजीजी नामक एंटीबॉडी विकसित हो जाता है। ऐसे में यदि प्लाज्मा दूसरे रोगियों के शरीर में डाला जाता है तो उनका शरीर भी कोरोना के संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है। एक ठीक हुआ मरीज 400 सीसी प्लाज्मा देकर दो संक्रमित मरीजों की जान बचा सकता है।

वहीं, अरबिंदो अस्पताल में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉ. रवि दोशी का कहना है कि इंदौर में प्लाज्मा थेरेपी से पहली बार इलाज प्रारंभ हुआ है, जिसमें कि संक्रमित मरीजों में 200 एमएल प्लाज्मा इंजेक्ट किया जाता है। फिलहाल यहां पर तीन मरीजों के शरीर में 200-200 एमएल इंजेक्ट किया गया है। तीनों के फेफड़ों में संक्रमण है और सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इनका कहना यह भी है कि संक्रमण से ठीक हो चुके और जो अभी संक्रमित हैं, दोनों का ब्लड ग्रुप एक होना आवश्‍यक है, तभी यह थेरेपी काम करेगी । इस दौरान डॉ. दोशी ने कोरोना से ठीक हो चुके लोगों से अधिक से अधिक प्‍लाज्‍मा दान देने का भी आग्रह किया है।

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