फाफामऊ में पचास साल बाद हवाई पट्टी पर सेना ने किया अभ्यास

लखनऊ ब्यूरो। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इलाहाबाद के फाफामऊ में बनाई गई हवाई पट्टी पर शुक्रवार को पचास साल बाद किसी एयरक्राफ्ट की लैडिंग हुई। जहां भारतीय वायु सेना ने मानवीय सहायता और आपदा राहत का अभ्यास किया, जिसे ऑपरेशन गगन शक्ति नाम दिया गया है।

सेना के प्रवक्ता ने बताया कि इलाहाबाद के फाफामऊ हवाई पट्टी पर मानवीय सहायता और आपदा राहत अभ्यास किया गया। 1939-40 में इसे बनाया गया था और 1945 तक नियमित एयरक्राफ्ट उतरते थे, 1968 के बाद यहां किसी एयरक्राफ्ट की लैंडिंग नहीं हुई है। सी 130 जे एयरक्राफ्ट सुबह इस हवाई पट्टी पर उतारा गया। एयरक्राफ्ट में 40 वायु सेना के जवान थे। आपदा के दौरान लोगों को कैसे बचाया जाता है, इस बारे में जानकारी दी गयी। अमेरिका भी सी. 130 एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल करता है। पांच साल पहले यह एयरक्राफ्ट भारतीय वायुसेना आपदा प्रबंधन के दौरान इसका उपयोग करती है। इस एयरक्राफ्ट की क्षमता 24 टन की है।

फाफामऊ के पंडि़ला महादेव में जहां हवाई पट्टी है, वहां दो रेलवे लाइन और तीन तरफ से सड़क मार्ग है। माल ढुलाई व यातायात के दृष्टिकोण से यह उपयोगिता नहीं हो पा रही थी। आजादी के पहले जब फाफामऊ में हवाई पट्टी बनाई जा रही थी तो इसके भविष्य को देखते हुए इसे तैयार किया गया था। उस समय यह क्रॉंस रनवे बनाया गया था। जब इलाहाबाद में सिविल एयरपोर्ट बनाने की बात शुरू हुई थी तो फाफामऊ में हवाई अड्डा बनाने की बात जोर-शोर से चली थी। हालांकि कुछ बिदुओं पर वायु सेना द्वारा आपत्ति लगाए जाने के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब सिविल एयरपोर्ट को बमरौली में बनाया जा रहा है।

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