फेसबुक पर ग्रुप बनाकर लोगों से बिट कॉइन के नाम पर ठगी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में बिट कॉइन के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। फेसबुक पर ग्रुप बनाकर 50 से ज्यादा लोगों से ठगी हुई है, इसकी शिकायत साइबर क्राइम सेल से की गई है। सेल जांच में जुट गई है। इस मामले में धोखाधड़ी की शिकायत सेक्टर-55 में रहने वाले ग्रेजुएशन के छात्र दिव्यांश ने की है। दिव्यांश ने बताया कि वह फेसबुक पर क्रिप्टो करंसी डिस्कस नाम के एक ग्रुप से जुड़े हुए है। इस ग्रुप में 100 से ज्यादा लोग है। इस ग्रुप में बिट कॉइन के बारे में जानकारी दी जाती है।

साथ ही उसे कैसे और कब खरीदना चाहिए, इस बारे में भी बताया जाता है। इसी ग्रुप में तरूण राठी नाम का एक व्यक्ति जुड़ा है। उसने कुछ समय पहले फेसबुक ग्रुप पर जानकारी दी थी कि उसके पास कुछ बिट कॉइन है और वह बेचना चाहता है। ग्रुप में मौजूद 50 से ज्यादा सदस्यों ने बिट कॉइन खरीदने की इच्छा जताई। जिनसे 5000 से लेकर 30 हजार रु तक वसूल लिए है।

दिव्यांश का कहना है कि उन्होंने भी तरूण राठी के ई-वॉलेट में बिट कॉइन के लिए 5000 रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके बावजूद अब तक उन्हे बिट कॉइन का यूनिक कोड और लॉग इन वगैरह नहीं मिला है। इसी तरह ग्रुप के अन्य सदस्यों के साथ भी ठगी हुई है। ठग ने पहले उन लोगों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया था और हमेशा फोन पर उपलब्ध रहता था। अब वह फेसबुक ग्रुप से गायब हो गया। उसका मोबाइल नंबर भी बंद जा रहा है और किसी को बिट कॉइन का यूनिक कोड व लॉग इन नहीं मिला है। भारत में बिट कॉइन भले ही गैरकानूनी हो लेकिन, आम लोगों में इसका प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। भारत में दो एप केजरिए बिट कॉइन की खरीदारी होती है। इनके जरिए बिट कॉइन खरीदने और बेचने पर डेढ़ से दो फीसदी का कमीशन एप संचालक को देना होता है।

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दिव्यांश ने बताया कि अगर एप के जरिए 5000 रु का बिट कॉइन लेते तो उसे 86 रु अतिरिक्त देने पड़ते। इसे बचाने के लिए लोग ठग के झांसे में आ गए। उसने बिना कमीशन के लोगों को बिट कॉइन देने का वादा किया था। बिट कॉइन एक वर्चुअल यानी आभासी मुद्रा है। इसका इस्तेमाल केवल इंटरनेट केजरिए ही होता है। बिट कॉइन खरीदने पर 30-40 अंक का एक यूनिक कोड मिलता है। यह कोड बिट कॉइन माइनिंग द्वारा जारी किया होता है। बिट कॉइन माइनिंग की अनुमति के बिना कोड फर्जी होता है और उसकी कोई कीमत नहीं होती है। इसके लिए यूजर को ऑनलाइन पासबुक मिलती है, जिसमें उसके पास मौजूद बिट कॉइन का पूरा ब्योरा होता है। इसी कोड को खरीदने या बेचने के नाम पर धोखाधड़ी होती है।

आरबीआइ ने बिट कॉइन को गैरकानूनी करार दिया है। अभी भारत में बिट कॉइन के इस्तेमाल पर कोई बहुत स्पष्ट गाइड लाइन नहीं है। बिट कॉइन को लेकर भारत सरकार से कोई संधि नहीं है। इस कारण अगर निवेशकों का पैसा डूबता है तो सरकार उसकेलिए जिम्मेदार नहीं है। हालांकि अब भारत में भी बिट कॉइन को मंजूरी देने या वर्चुअल करंसी को बढ़ावा देने की मांग उठ रही है।

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