बच्चों को होमवर्क के लिए प्रेरित करें, बनवाएं टाइमटेबल

नई दिल्ली: बच्चे स्कूल में अच्छा करें इसके लिए उन्हें शुरु से पढ़ाई की ओर ध्यान देने और प्रेरित करने की जिम्मेदारी अभिभावकों की होती है। जो बच्चे स्कूल का होमवर्क समय पर पूरा करते हैं उनकी पढ़ाई ठीक तरीके से चलती है। आजकल व्यस्तता के कारण अभिभावक बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाते और कोचिंग आदि के भरोसे ही बच्चों को छोड़ देते हैं जो ठीक नहीं है। इससे आपको पता नहीं चल पाता कि बच्चा स्कूल में क्या कर रहा है। कई बार बच्चे पढ़ाई में कमजोर होने और कई अन्य कारणों से पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते, ऐसे में अभिभावकों को समझदारी से उनकी रुचि पढा़ई में जगानी होगी। इसके लिए आपको ये उपाय करने होंगे।

बच्चे के साथ बात करें

अपने बच्चे के साथ बैठिए और उसके साथ अपनी आगे आने वाले साल के विषय में बातचीत कीजिए। बेहतर होगा एकेडिमिक ईयर की शुरूआत में ही प्लान बन जाए ताकि आपके और बच्चे के पास भरपूर वक्त और मौका रहे। ऐसी इच्छाएं ही रखिए जो हो सकती हैं। जरूरत से अधिक अपेक्षाएं बच्चे पर अतिरिक्त मानसिक बोझ डाल सकती हैं। अपने बच्चे के कमजोर क्षेत्रों को पहचानें। उसका पिछले साल का रिपोर्ट कार्ड और उसका अनुभव इसमें आपकी मदद करेगा। इस हिस्से पर आपको और बच्चे को अधिक काम करना है।

टाइमटेबल बनवायें

दिन के घंटे बांटिए आपके बच्चे की पिछले साल भी कुछ दिनचर्या रही होगी। इस बार टाइमटेबल में उन गल्तियों को जगह न दें जो पिछले साल परेशानी का कारण बन गईं थीं। हो सकता है पिछले साल बच्चे का सोने और होमवर्क का समय एक ही हो ऐसे में टीवी के टाइम में कटौती कर थोड़ा पहले होमवर्क करना समझदारीभर होगा।

होमवर्क को रोचक बनाने की कोशिश करें क्या आपका बच्चा पढ़ने से जी चुराता है? ऐसे में आप दूसरे बच्चों के उदाहरण दे देकर उसे प्रेरित करने की कोशिश करने में उसके मन में जलन और असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं। बच्चा न पढ़ने के बहाने ढूंढ़ने लगता है। बच्चे को दूसरे बच्चे के उदाहरण देने के बदले, पढ़ाई को खेल खेल में सिखाने की कोशिश करें। ऐसे नए तरीके खोजने की कोशिश करें जिसमें बच्चे का मन लगे। आप अपने बच्चे को सबसे बेहतर जानते हैं और आप ही उसकी पसंद की एक्टिविटी आसानी से खोज सकते हैं।

होमवर्क प्लान का आंकलन करें एकेडमिक ईयर की शुरूआत में बनाया गया प्लान हो सकता है सही न हो। इस समस्या के उपाय के तौर पर बीच बीच में इस प्लान का मूल्यांकन करें। अपने बच्चे से सलाह मशवरा करें और अगर जरूरी लगता है तो इसमें बदलाव अवश्य करें।

बच्चों को भी काम की अधिकता इतनी होती है कि अगर सही टाइमटेबल मैंटेन नहीं किया जाए तो काम इकट्ठा हो जाता है और समस्या बहुत बढ़ जाती है। होमवर्क सही तरीके से होता रहे इसके लिए जरूरी है कि आप टाइमटेबल फॉलो होने पर ध्यान दें। स्कूल से लौटने के बाद बच्चे को आधे घंटे का ब्रेक दें। इस दौरान बच्चा न तो टीवी देखें, न इमेल चेक करें और न हीं वीडियों गेम्स खेलना शुरू करे।

अगर बच्चा इन सब में लग जाता है तो वह आधे घंटे के बाद उठने से टालमटोल करेगा। बजाय रात में होमवर्क के बच्चे को दिन में अधिकतर काम निपटा लेने के लिए प्रेरित करें। रात में घर के सभी सदस्य घर पर होने से बच्चे का मन टीवी और सभी के साथ बैठने का रहता है। ऐसे में अकेले बैठकर पढ़ना मुश्किल काम है।

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