बदलेगा योगी मंत्रिमंडल का आकार, घट सकती है मंत्रालयों की संख्या

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में जल्दी बड़ा बदलाव किया जा सकता है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों को एक साथ मिलाकर उनकी संख्या 90 से 34 तक लाने की कवायद शुरू कर दी है। व्यवस्था केंद्र की तरह हो सकती है, जहां एक मंत्रालय की जिम्मेदारी एक कैबिनेट मंत्री के साथ उनकी जूनियर साथी को भी दी जाती है।

बताया जाता है कि इससे खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों से निजात मिलेगी तो वहीं नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकेगा। जिससे नई परिस्थितियों के हिसाब से रणनीतियां बनाने में भी सहायता मिलेगी। नीति आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर स्टेट प्लानिंग डिपार्टमेंट ने इस बदलाव के लिए फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसे अगले महीने किसी भी समय लागू किया जा सकता है। एक कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री की तरफ से अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा।

प्रस्ताव के मुताबिक एक मंत्री के पास दो या दो से अधिक नहीं बल्कि केवल एक विभाग की जिम्मेदारी होगी। मंत्री ने कहा कि ऐसी स्थितियां है, जहां एक अधिकारी एक से अधिक मंत्रियों को रिपोर्ट करता है। ऐसे में अक्षमता को बढ़ावा मिलता है। नई व्यवस्था में नए लोगों को भी मौका मिलेगा चाहे वह जूनियर मिनिस्टर के तौर पर ही क्यों न हो। मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केंद्र सरकार की तरह होगी जहां हर मंत्रालय की जिम्मेदारी एक कैबिनेट मंत्री और उनके जूनियर साथी (राज्य मंत्री) पर होती है।

ऐसे में यूपी में मंत्रि परिषद की अधिकतम संख्या 68 तक हो सकती है, हालांकि इसकी अधिकतम स्वीकार्य संख्या 60 ही है। बुधवार को अमित शाह, योगी आदित्यनाथ और पार्टी पदाधिकारियों के बीच हुई मैराथन बैठक के दौरान इस योजना पर भी विस्तार से बातचीत हुई। मीटिंग की बातों की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि शाह और योगी, दोनों ही नेता ही इस नई व्यवस्था पर सहमत हैं।

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