बने सरकारी टीचर

उत्तर प्रदेश में टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) की परीक्षा 22 दिसम्बर, 2019 को होनी है। अगर आप इस परीक्षा को देने का मन बना रहे हैं, तो आपको इसके पैटर्न की जानकारी होनी चाहिए। इस परीक्षा में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं। जो छात्र सरकारी विद्यालयों में बतौर शिक्षक काम करने के इच्छुक हैं, उन्हें इस परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे।

इस परीक्षा में दो स्तर के शिक्षकों की नियुक्ति होती है- पहला प्राइमरी स्टेज और दूसरा एलिमेंटरी स्टेज। अगर आप इस परीक्षा में पास होकर सरकारी विद्यालय में बतौर शिक्षक के रूप में कार्य करना चाहते हैं, तो आपको इसकी तैयारी भी उसी के अनुरूप करनी होगी। हम आपको बताते हैं कि इस परीक्षा की तैयारी कैसे करें-

अगर आप टीईटी परीक्षा देने का मन बना रहे हैं तो आपको सबसे पहले इसके पैटर्न की जानकारी होनी चाहिए, तभी आप इसकी तैयारी सही तरह से कर पाएंगे। यह परीक्षा नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन द्वारा हर साल कराई जाती है। चूंकि टीईटी परीक्षा प्राथमिक और जूनियर स्टेज के लिए अलग-अलग होती हैं और इसीलिए दोनों परीक्षाओं में प्रश्नों का एरिया अलग-अलग होता है।

प्राथमिक स्तर की परीक्षा : इसमें पांच विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। इन पांच विषयों में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, गणित, एन्वायरमेंट स्टडीज के अलावा हिंदी के रूप में एक भाषा और अंग्रेजी या संस्कृत या उर्दू में से एक भाषा का सेलेक्शन करना होता है।

उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा : इस परीक्षा को पास करने वाले छात्र छठी से बारहवीं कक्षा के बच्चों को पढ़ाते हैं। इस परीक्षा में भी पांच विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। इन विषयों में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, पहली भाषा के रूप में हिंदी और दूसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी, गणित-विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल होते हैं।

ऐसे करें तैयारी : जहां तक इस परीक्षा में अच्छे अंक लाने की बात है, तो उसके लिए मेहनत करनी होती है। हालांकि इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, इसलिए आप अधिक से अधिक सवालों का जवाब देने का प्रयास करें। परीक्षा के पैटर्न एवं सिलेबस को अच्छी तरह समझने के लिए पिछले सालों के प्रश्न पत्रों को सॉल्व करें। इसके अलावा परीक्षा की अच्छी तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबों का सहारा जरूर लें, क्योंकि ज्यादातर सवाल उन्हीं में से होते हैं। इसके अलावा जिन विषयों पर आपकी पकड़ कमजोर है, उनमें अधिकतर समय लगाएं।

स्पीड का है खेल : इस परीक्षा में आपकी स्पीड भी बहुत मायने रखती है। कई बार समय के अभाव के कारण छात्र आते हुए प्रश्न भी पूरे नहीं कर पाते। स्पीड बढ़ाने के लिए आप दिन में कम से कम दो मॉडल पेपर नियत समय में सॉल्व करें। इससे आपको पता चलेगा कि आप तय समय में कितने प्रश्नों के जवाब दे पा रहे हैं। इसके अलावा परीक्षा के दौरान हमेशा पहले आने वाले प्रश्नों का जवाब दें। ठ्ठविनीत वर्मा

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper