बरेली मंडल में 545089 महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिल रहा पेंशन का सीधा लाभ।कमिश्नर संयुक्ता समद्दार ने कहा कि एक भी पात्र वंचित ना रहे

बरेली ,14 फ़रवरी । योगी सरकार महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा के साथ उनके जीवन यापन की समस्याओं का भी समाधान करने में जुटी हुई है। बेहतर सुविधा देने के लिए योगी सरकार ने निराश्रित महिला पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, दिव्यांगजन पेंशन योजना महिलाओं का सहारा बनी है। इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश की निराश्रित महिलाएं सिर्फ अपना गुजारा ही नहीं चला रही है। बल्कि आत्मनिर्भर होकर सम्मान से जीवन जी रही हैं। बरेली मंडल में 545089 विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांगजन को पेंशन दी जा रही है। इनमें 170877 विधवा महिलाओं को पेंशन दी गई है। जबकि 287399 महिलाओं और पुरुषों को वृद्धावस्था पेंशन देकर उनके बुढ़ापे का सहारा बनाया गया है। मंडल में 86813 दिव्यांगजन महिला और पुरुषों को पेंशन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। कल कमिश्नर संयुक्ता समद्दार ने निराश्रित पेंशन योजना वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन योजना की समीक्षा की। उन्होंने उपनिदेशक महिला कल्याण विभाग/ जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार को निर्देश दिए कि एक भी महिला पेंशन योजना से वंचित ना रहे। सभी लाभार्थियों को इसका सीधा लाभ मिले। उन्होंने 15 दिन में सभी लाभार्थियों के बैंक खाते, आधार कार्ड का सत्यापन कराकर उन्हें योजना का लाभ देने के आदेश दिए हैं। कमिश्नर ने कहा कि निराश्रित महिला एवं पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित ना रहें।

उपनिदेशक महिला कल्याण विभाग नीता अहिरवार ने बताया कि हर तिमाही महिलाओं को तीन हजार की पेंशन दी जा रही है। एक जनवरी 2022 में ही महिलाओं की पेंशन को 500 रुपये से बढ़ाकर दोगुना किया गया है। अब हर माह के हिसाब से ₹1000 की पेंशन दी जाती है न बरेली में 65271, बदायूं में 38983, पीलीभीत में 24733 और शाहजहांपुर में 41890 महिलाओं को विधवा पेंशन दी जा रही है। बरेली में 7454, बदायूं में 64473, पीलीभीत में 70843, शाहजहांपुर में 91269 महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन का सीधा लाभ मिल रहा है। बरेली में 26790, बदायूं में 18504, पीलीभीत में 21832 और शाहजहांपुर में 19687 दिव्यांगों को सीधा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए न्यूनतम आयु 18 और अधिकतम जीवित रहने तक मान्य है। राज्य की ऐसी महिलाएं जो विधवा हो या इनके घर में कोई जीवन यापन के लिए सहारा ना हो। इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। महिला किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ ना ले रही हो। महिला की आय 200000 से अधिक ना हो। वृद्धावस्था पेंशन के लिए महिलाओं और पुरुषों की आयु 60 वर्ष पूर्ण हो चुकी हो। शहरी क्षेत्र के महिला पुरुषों की आय 56000 और ग्रामीण क्षेत्र के महिला पुरुषों की आय 46000 से कम होनी चाहिए। दिव्यांगजन योजना के लिए 40 फीसदी दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। शहरी क्षेत्र के दिव्यांगजनों की आय 56000, ग्रामीण क्षेत्र के दिव्यांगजनों की आय 46000 या इससे कम हो।

महिला एवं बाल कल्याण विभाग की उपनिदेशक नीता अहिरवार ने बताया कि पेंशन की पात्र महिलाएं अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, दो फोटो, आय प्रमाण पत्र की छाया प्रति के साथ कार्यालय में उपस्थित हो। उनके सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराने के बाद पेंशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। मंडल के सभी जिलों में अधिकतर लाभार्थियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है। जिन महिलाओं को पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। वह नजदीकी जन सेवा केंद्र में संपर्क करें। इसके बाद भी समाधान ना होने पर महिला उपनिदेशक कार्यालय में संपर्क करें। बरेली से ए सी सक्सेना की रिपोर्ट

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