बवाना अग्निकांड: दिल्ली पुलिस ने फैक्टरी मालिक मनोज जैन को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने बवाना में स्थित उस फैक्टरी के मालिक मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें शनिवार को लगी आग में 17 लोग मारे गए थे। इसमें अब तक 14 शवों की शिनाख्त हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने हादसे की जांच की जिम्मेदारी अपराध शाखा को सौंप दी है। सरकार ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।पुलिस आयुक्त का कहना है कि मामला काफी संवेदनशील है। जिस वजह से मामले के हर पहलू को बारीकी से जांचने के दिल्ली अपराध शाखा को जिम्मेदारी दी गई है।

उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आग लगने की घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रपए व झुलसे लोगों को एक-एक लाख रपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की पूरी तरह जांच होगी कि लाइसेंस कैसे दिया गया, किसने लाइसेंस दिया और यह घटना कैसे घटी।रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त रजनीश गुप्ता ने बताया कि मनोज जैन ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया है कि यह फैक्ट्री एक जनवरी से किराए पर ली थी और वह होली और स्टेज शो के लिए बड़े पैमाने पर पटाखों की पैकिंग करवा रहा था।

आग में झुलसे एक व्यक्ति ने बताया कि फैक्टरी में पटाखा पैकिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान किसी ने पटाखा जलाकर अंदर फेंक दिया था। हालांकि अभी भी आग लगने की आधिकारिक जानकारी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने आरेापी के खिलाफ गैर जमानती आईपीसी 285 व 304 के तहत केस दर्ज किया है। मनोज जैन परिवार के साथ गणोशपुरा, त्रिनगर में रहता है। उसका दावा था कि इस काम के लिए किसी भी लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है, इस बात को पुलिस वेरिफाई कर रही है।

हालांकि इतनी मौत हुई हैं इसी वजह से जो सेक्शन लगाए हैं वो गैर जमानती हैं। पुलिस उपायुक्त के मुताबिक पहचान किए गए 12 शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद रविवार को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। अन्य दोनों रविकांत व अजीत रंजन के शवों को उनके परिजनों के आने तक सुरक्षित रखा गया है।

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