बसपा की तरफ से मायावती होंगी पीएम उम्मीदवार!

दिल्ली ब्यूरो: जिस तरह से राजनीति बदल रही है और बीजेपी को लेकर विपक्ष गठबंधन की तरफ बढ़ रहा है ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर तमाम क्षेत्रीय पार्टियां भी अपनी अपनी ना सिर्फ तैयारी कर रही है बल्कि पीएम उम्मीदवार को लेकर समझ बना रही है। खबर के मुताबिक़ बसपा भी पीएम उम्मीदवार को लेकर समझ बना रही है और पार्टी सुप्रीमो मायावती को पीएम उम्मीदवार बनाने को लेकर चिंतन कर रही है।

आज बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक होने वाली है। कहा जा रहा है इस बैठक में बसपा प्रमुख मायावती को 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए 2019 में कांग्रेस से गठबंधन करने को लेकर भी बातचीत हो सकती है। बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘2019 के चुनाव से पहले गठबंधन करने के प्रस्ताव पर चर्चा करने के अलावा समिति मायावती को प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार बनाए जाने से संबंधित प्रस्ताव भी पारित कर सकती है।’

शुक्रवार को बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर अभियान चला कर मांग की थी कि बसपा प्रमुख को अगले आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार बनाया जाए. इस पर बसपा नेता ने कहा, ‘वे देश की सबसे बड़ी दलित नेता हैं। हालांकि 2012 के विधानसभा, 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी हारी थी, लेकिन उसका वोट आधार अभी भी बना हुआ है। ’

यह पूछने पर कि लोकसभा में बसपा का एक भी सांसद नहीं है उन्होंने कहा कि मायावती को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाने के और भी कई कारण हैं। उन्होंने कहा, ‘बसपा का संगठन एक दर्जन से ज्यादा राज्यों में फैला हुआ है और इन राज्यों में पार्टी ने विधानसभा सीटें भी जीती हैं। उन्हें प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार बनाने से दलित समाज कांग्रेस से गठबंधन के लिए एक हो जाएगा।’

इसके अलावा समिति की बैठक में इस बात को लेकर भी चर्चा होगी कि बसपा को क्षेत्रीय दलों के साथ चुनाव से पहले गठबंधन करना चाहिए या नहीं। इनमें उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, हरियाणा में इंडियन नेशनल लोक दल और कर्नाटक में जेडीएस शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर भी चर्चा होगी। पार्टी के एक नेता ने बताया कि मायावती कांग्रेस से हाथ मिलाने में दिलचस्पी नहीं ले रही थीं, लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सोनिया गांधी से हुई मुलाकात के बाद इसकी संभावना है।

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