बसपा सुप्रीमो मायावती ने देशवासियों को दी ईद की मुबारकबाद

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने समस्त देशवासियों और ख़ासतौर से उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज के सभी उम्र के लोगों को ईद-उल-फितर(ईद) की दिली मुबारकबाद एवं शुभकामनाएं दी।

मायावती ने कहा कि देश के वर्तमान हालात के मद्देनज़र पूरे मुल्क व खासकर उत्तर प्रदेश में अच्छी क़ानून-व्यवस्था, अमनो-अमान और लोगों के जान-माल व मज़हब की सुरक्षा के लिए न केवल चिन्ता है बल्कि उसके सही समाधान के लिए सार्थक प्रयासों के साथ-साथ कुदरत से दुआ(प्रार्थना) आदि भी बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि एक माह तक रमज़ान का रोज़ा(सुबह होने से लेकर शाम ढलने तक का उपवास) रखने का फ़र्ज़ निभाने और तरावीह की नमाज़ आदि की इबादत करने के साथ-साथ अपने माल में से यतीमों, ग़रीबों और मिसकीनों को आर्थिक मदद के रूप में ज़कात का भी फ़र्ज अदा करने के बाद अब उनके लिए ख़ुशी मनाने का दिन आया है।

वर्ष में एक बार आने वाली ऐसी ईद-उल-फितर की खुशी के लिए तमाम मुस्लिम भाइयों, बहनों एवं बच्चेे-बच्चियों को तहेदिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद देते हैं। वहीं अन्य धर्मों की तरह ही भारतीय मुसलमान व उनके त्योहार हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति के सदियों से अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि मानवतावादी बसपा मूवमेन्ट का यह प्रयास सतत जारी रहेगा कि भारतीय समाज में अन्य धर्मों के लोगों की तरह ही हमारे मुस्लिम समाज के लोग भी सुखी व सम्पन्न हों और उनका जीवन भी ख़ुश व ख़ुशहाल रहे तथा वे अपने जान-माल व मज़हब के साथ अमन-चैन से अपना जीवन व्यतीत करें।

मायावती ने कहा कि ईद के मुबारक मौके पर उनसे भी अपील है कि देश के वर्तमान हालात के मद्देनजर वे अपने देश में शान्ति-व्यवस्था, आपसी भाईचारे व इन्सानियत केे बढ़ावे के लिए अपने प्रयासों के साथ-साथ इस सम्बंध में कुदरत से भी ज़रूर दुआ करें क्योंकि समाज की तरक़्क़ी में ही सभी देशवासियों व मुल्क की तरक़्क़ी निहित है। यह त्योहार आपसी भाइचारा और क़़ौमी एकता को मज़बूत करता है। साथ ही समाज में सामाजिक सद्भाव, आपसी भाइचारा तथा सह-अस्तित्व की भावना को भी बढ़ाएगा, ऐसी मेरी उम्मीद व कामना है।

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