बस्तर की छात्रा यूक्रेन से लौटी

जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर की एक छात्रा के युद्ध प्रभावित यूक्रेन से सकुशल लौटने के बाद परिजन के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। युद्ध में फंसी छात्रा शालिनी शिवहरे वहां से सकुशल निकलने वाली बस्तर की पहली छात्रा बन गई हैं। वे कल शाम बस्तर पहुंची। छात्रा शालिनी ने बताया कि वे इस युद्ध से बेहद घबराई हुईं थी। यूक्रेन के उज्होरोड में मेडिकल सेकेंड ईयर छात्रा ने बताया कि युद्ध की घोषणा होते ही पूरा शहर थम गया। इस दौरान उन्होंने हवाई हमले भी देखे। सुरक्षित रहने के लिए बंकरों में छिपे।

शालिनी ने बताया कि उन्हें बस के जरिए हंगरी के बॉर्डर ज्होनव तक छोड़ा गया, इस दौरान उनसे कोई पैसे भी नहीं लिए गए। बॉर्डर पर हंगरी व भारत सरकार की मदद से वहां के एयरपोर्ट तक ले जाया गया। इसके बाद करीब पांच घंटे तक उनकी जांच हुई, जिसके बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हुई। दिल्ली में छत्तीसगढ़ भवन में रात बिताई।

शालिनी सोमवार सुबह छह बजे हंगरी के एयरपोर्ट से विमान मेें बैठीं। करीब 11 घंटे के सफर के बाद उनका जत्था उसी दिन शाम के पांच बजे दिल्ली पहुंचा। यहां सरकार ने पूरी व्यवस्था कर रखी थी। उन्हें छत्तीसगढ़ भवन में ठहरने की व्यवस्था की गई। यहां रात बिताने के बाद मंगलवार सुबह सात बजे दिल्ली से रवाना होकर सुबह नौ बजे रायपुर एयरपोर्ट पर उतरीं।

रायपुर एयरपोर्ट पर राज्य सरकार की ओर से उन्हें घर तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था कर रखी थी। एयरपोर्ट से जगदलपुर तक के लिए राज्य सरकार ने व्यवस्था की थी। मंगलवार शाम को जगदलपुर पहुंची तो उनके परिजन उन्हें लेने पहुंचे। शालिनी ने बताया कि बस्तर के करीब 40 छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं।

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