बाबा साहब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयंती मनाने की राजनीतिक दलों में होड़ मची

लखनऊ। लोकसभा चुनाव से पूर्व प्रदेश में दलितों पर राजनीति गरम हो गयी है। प्रदेश की राजनीति में राजनीतिक दलों द्वारा बाबा साहब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयंती पर विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की होड़ मची हुई है। प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 14 अप्रैल को अम्बेडकर महासभा दलित रत्न से सम्मानित करेगा, वहीं भाजपा प्रदेश के सभी जिलों में डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयंती बड़े धूमधाम से मनाने का फैसला लिया गया है।

सपा भी डॉ. भीम राव आम्बेडकर की जयंती पर बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही है। बसपा प्रदेश के सभी जिलों में डॉ. भीम राव आम्बेडकर की जयंती पर प्रभात फेरी और झांकिया निकाल कर दलितों को जागृति करने का प्रयास करेगी। डॉ. भीम राव अम्बेडकर के नाम पर हो रही दलितों पर राजनीति किस करवट बदलेगी, यह तो समय ही बतायेगा।

दलित रत्न पर अम्बेडकर महासभा में घमासान

एससी व एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक्ट में संशोधन के पश्चात २ अप्रैल को बंद के आहवान पर दलितों के उग्र प्रदर्शन के बाद योगी और मोदी सरकार सकते में आ गयी थी। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद ही सभी सरकारी कार्यालयों में डॉ. भीम राव अम्बेडकर की तस्वीर लगाने और जयंती धूमधाम से मनाने का निर्देश दिया था। प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय विशेष कर दलित व गरीबों को आवंटन करने का निर्देश दिया था।

राज्यपाल रामनाईक द्वारा डॉ. भीम राव अम्बेडकर असली नाम डॉ.भीमराव रामजी अम्बेडकर लिखने का राजाज्ञा जारी होने के बाद अम्बेडकर महासभा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल रामनाईक को दलित रत्न का सम्मान देने का फैसला लिया। दलित रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री योगी और राज्यपाल रामनाईक को देने के घोषणा के बाद अम्बेडकर महासभा की कमेटी में विरोध तेज हो गया। दलित रत्न का सम्मान देने वाले अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल द्वारा अपने फैसले पर अडिग रहने के बाद 14 अप्रैल को दलित रत्न का सम्मान दिया जायेगा।

राजनीतिक दलों में होड़ मची

बाबा साहब डॉ.भीम राव अम्बेडकर की जयंती के बहाने सभी राजनीतिक दल दलितों पर डोरा डालने में लगी हुई है। भाजपा प्रदेश के सभी जिलों में शोभा यात्रा निकालकर एकता का संदेश देगी। यह भी संभावना जतायी जा रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी डॉ.भीमराव अम्बेडकर स्मारक पर माल्र्यापण करने जा सकते हैं। बसपा भी प्रभात फेरी और झांकियां निकाल दलितों को जागृति करने काम करेंगी। बसपा डॉ.भीमराव अम्बेडकर स्मारक में दर्जनों कार्यक्रम आयोजित करेगी। बसपा के कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कार्यकत्र्ता आते है। अम्बेडकर स्मारक पर दलित संगठनों द्वारा स्टाल लगाकर बाबा साहेब से जुड़ी साहित्य, कार्यक्रम में आये लोगों को जलपान व रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। कांग्रेस भी पीछे नही रहेगी। कांग्रेस ने सभी जिलों में बाबा साहब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयंती पर कई कार्यक्रम तय किये हैं। सपा-बसपा के गठबंधन से पहले सपा भी पहली बार बाबा साहब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयंती धूमधाम से मनाने का फैसला लिया है।

डॉ.भीम राव अम्बेडकर की जयंती पर दलित कर्मचारी सपा का करेंगे घेराव

डॉ.भीमराव अम्बेडकर जयंती पर दलित कर्मचारी प्रमोशन में आरक्षण पर सपा के नेताओं का घेराव भी कर सकती है। उल्लेखनीय है कि सपा ने सुप्रीत कोर्ट के निर्देश पर यूपी में प्रमोशन में आरक्षण को समाप्त कर दिया था, जिस पर दलित कर्मचारियों को रिवर्ट कर दिया गया था। लोकसभा में सपा ने कांग्रेस के बिल का जमकर विरोध किया था। दलित नेता सपा बसपा के गठबंधन की संभावना को देखते हुए सपा नेताओं घेराव भी कर सकते है।

प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित किया

प्रदेश सरकार ने 2 अप्रैल जैसी कोई घटना न घटित हो, उसके लिए सभी जिलों में अलर्ट रहने के लिए निर्देश दिया है।

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