बाढ़ से बेहाल लखीमपुर जिला, हजारों लोग बेघर

लखीमपुर: असम चार जिले वर्तमान में बाढ़ का प्रकोप झेल रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार तीन जिले हैं। बाढ़ से बेहाल जिलों में लखीमपुर और बिश्वनाथ हैं। इन दो जिलों में हजारों की संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य में आई दूसरी बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव लखीमपुर जिले में देखा जा रहा है। लखीमपुर जिले के लगभग 20 गांव बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। सिंगरा नदी का पानी नावबेचा विधानसभा क्षेत्र में गत 17 दिनों से यथावत बना हुआ है।

विधानसभा क्षेत्र के लगभग बीस गांव बाढ़ का प्रकोप झेल रहा है। जिले के दलहाट, कोंवरपुर, फुकनदलनी,बालिटिका आदि इलाकों के लोगों के घर-द्वार सभी पानी में डूब गए हैं। पिछले 17 दिनों से दलहाट में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पानी में डूबा हुआ है। सिंगरा नदी का पानी दलहाट तीनाली से फूलबारी को जोड़ने वाले लोक निर्माण की सड़क के कुछ हिस्सों को अपने साथ बहा ले गया है। इसके चलते लोगों को आवाजाही करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन दो जिलों बाढ़ प्रभावित की संख्या 36 हजार के आसपास बताई गई है, जबकि गैर सरकारी आंकड़ों के अनुसार आंकड़ा दोगुना हो सकता है। बाढ़ प्रभावित लोग विभिन्न शिविरों के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे, स्कूल व सरकारी एवं अन्य आवासों में आश्रय लिए हुए हैं।

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल बुधवार को लखीमपुर जिले का दौरा कर स्थानीय जिला प्रशासन को बाढ़ में फंसे लोगों को जल्द निकालने और खाने-पीने के अलावा अन्य जरूरी सामान मुहैया कराने का निर्देश दिया था| बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने का प्रभावितों ने आरोप लगाया है। बाढ़ से प्रभावित लोगों का कहना है कि न तो असम सरकार की ओर से खाने-पीने का सामान मुहैया कराया जा रहा है और न ही बाढ़ प्रभावित लोगों के इलाज के लिए कोई व्यवस्था की गयी है। कुछ शिविर ऐसे हैं जहां लोगों को एक वक्त का ही खाना खाकर काम चलाना पड़ रहा है।

असम प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष अंकित दत्त ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार असम में बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे लोगों के लिए कुछ नहीं कर रही है। लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। आश्रय शिविर में असम सरकार द्वारा खाने-पीने की व्यवस्था अच्छी तरह से नहीं किए जाने की वजह से लोगों की हालत बद से बदतर होते जा रही है। शिविर में बाढ़ प्रभावित कई लोगों के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है। सरकार की तरफ से इन शिविरों में इलाज के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जो काफी दुख की बात है।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मूलभूत सुविधा असम सरकार मुहैया नहीं करा रही है। अंकित दत्त ने सरकार से मांग की कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार असम की बाढ़ को गंभीरता से लेते हुए बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था के अलावा खाने-पीने एवं चिकित्सा व्यवस्था मुहैया कराए। शुक्रवार को असम प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी की एक टीम ने लखीमपुर, नवगछिया विधानसभा क्षेत्र के कई बार प्रभावित इलाकों के शिविरों का दौरा कर लोगों को खाने पीने की सामग्री मुहैया कराई।

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