बिहार: अगले साल होगा राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव, इन दिग्‍गजों की सीटों पर टिकी रहेंगी नजरें

पटना: नए साल में बिहार में राज्यसभा (Rajya Sabha) की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव को ले राजनीतिक गलियारे में बड़े स्तर पर सरगर्मी रहेगी। जदयू, राजद और भाजपा के कई महत्वपूर्ण लोगों का कार्यकाल अगले वर्ष सात जुलाई को खत्म हो रहा है। जुलाई में केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह (Union Minister RCP Singh) का कार्यकाल खत्म हो रहा। राजनीतिक गलियारे में जदयू के राज्यसभा सदस्य आरसीपी के पुन: राज्यसभा में जाने की बात तय मानी जा रही है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा कि अगर वह रिपीट नहीं होते हैं तो फिर केंद्र में मंत्री बने रहना संभव नहीं हो पाएगा। इसी तरह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (RJD Supremo Lalu Prasad) की पुत्री डा. मीसा भारती को भी रिपीट होने की चर्चा है। उनका कार्यकाल भी अगले वर्ष सात जुलाई को खत्म हो रहा।

गोपाल नारायण सिंह व सतीश चंद्र दूबे का कार्यकाल खत्म होगा
भाजपा के पुराने नेताओं में शुमार गोपाल नारायण सिंह व सतीश चंद्र दूबे का कार्यकाल भी अगले वर्ष सात जुलाई को खत्म हो रहा। गोपाल नारायण सिंह की पहचान यह है कि केंद्रीय स्तर पर उनकी पैठ है। पिछली बार भी उन्हें इसका लाभ मिला था। वहीं सतीश चंद्र दूबे को पार्टी अपने पारंपरिक समीकरण के तहत महत्व देती रही है।

किंग महेंद्र के निधन के बाद उनकी सीट के लिए उप चुनाव
जदयू के राज्यसभा सदस्य किंग महेंद्र के निधन के बाद उनकी सीट पर उप चुनाव होना है। राजनीतिक गलियारे में उनकी सीट पर जातिगत समीकरण को ध्यान में रख उन्हीं की जाति के एक पुराने नेता का नाम चर्चा में आ गया है। वह पूर्व में राज्यसभा में रहे भी हैं।
केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह और डा. मीसा भारती का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा
भाजपा के सतीश चंद्र दूबे औैर गोपाल नारायण सिंह की सीट खाली होगी
जदयू के किंग महेंद्र के निधन की वजह से खाली हुई सीट पर उपचुनाव

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