बिहार की भूमि का आयुर्वेद से पुराना रिश्ता: नीतीश

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को आयुर्वेद को अद्भूत विज्ञान बताते हुए कहा कि आयुर्वेद का बिहार की भूमि से पुराना रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद देसी चिकित्सा पद्घति है और इसकी बहुत प्रतिष्ठा रही है। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित तीन दिवसीय छठे आयुर्वेद पर्व का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्वेदिक महासम्मेलन के द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है।

उन्होंने बिहार में इस आयोजन पर प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे यहां के लोगों को काफी लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से अपनी पुरानी चिकित्सा पद्घति से नई पीढ़ी के लोग जागरूक होंगे और उनमें जागृति आएगी। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा, “बचपन से ही व्यक्तिगत एवं भावनात्मक रूप से आयुर्वेद से हमारा संबंध है। मेरे पिताजी पटना राजकीय आयुर्वेदिक कलेज के ‘प्रोडक्ट’ थे। जब हम स्कूल में पढ़ते थे तो देखते थे कि पिताजी खुद दवा बनाकर लोगों का इलाज करते थे। मैं पढ़कर शाम में स्कूल से लौटता था तो मैं भी पुड़िया बनाता था।”

मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्घति ऐतिहासिक और वैज्ञानिक बताते हुए कहा कि एलोपैथ का इतना ज्यादा प्रचार हो गया है कि दूसरी चिकित्सा पद्घति में शिक्षित और प्रशिक्षित लोग भी परिवर्तित करते हैं लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। आयुर्वेद हो, यूनानी हो या अन्य जो भी पुरानी और देसी चिकित्सा पद्घतियां हैं, सबकी अपनी अहमियत है। आयुर्वेद में अनुसंधान पर जोर देते हुए नीतीश ने कहा, “आयुर्वेद पद्घति में जो दम है, वह अन्य चिकित्सा पद्घति में नहीं है, परंतु जितना अनुसंधान इस क्षेत्र में होना चाहिए, उतना नहीं हुआ। इस दिशा में अनुसंधान होगा तो बहुत सारी नई बीमारियों का इलाज भी इस चिकित्सा पद्घति के माध्यम से संभव हो सकेगा।”

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वैद्य डा़ जगन्नाथ त्रिपाठी, वैद्य इंदु मिश्रा, वैद्य यशवंत सिंह, वैद्य अजमत हुसैन अंसारी और वैद्य अलख नारायण सिंह को ‘धन्वन्तरी सम्मान’ से सम्मानित किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार, अखिल भारतीय आयुर्वेदिक महासम्मेलन और बिहार सरकार स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय पर्व के मौके पर मुख्यमंत्री सहित मंच पर मौजूद अतिथियों ने एक स्मारिका का भी विमोचन किया।

इस समारोह को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार, आयुष विभाग, भारत सरकार के संयुक्त सचिव रौशन जग्गी, वैद्य बनवारी लाल गौड़, अखिल भारतीय आयुर्वेदिक महासम्मेलन के अध्यक्ष पद्म भूषण वैद्य देंवेंद्र त्रिगुणा ने भी संबोधित किया।

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