बिहार में मिला बुजुर्गों को मान, यूपी में कब?

पटना: बिहार में अब बूढ़े माता-पिता की सेवा नहीं करने वालों की खैर नहीं है, ऐसे लोगों को अब जेल भी जाना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश के नेतृत्व में बिहार मंत्रिमंडल की 11 जून को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि बिहार में रहने वाली संतानें अगर अब माता-पिता की सेवा नहीं करेंगी, तो उन्हें जेल की सजा हो सकती है। माता-पिता की शिकायत मिलते ही ऐसी संतानों पर कार्रवाई होगी।

हालांकि बूढ़े मां-बाप के लिए नीतीश सरकार ने कोई नया कानून नहीं बनाया है, बल्कि 2007 के अधिनियम में सिर्फ संशोधन किया है। केंद्र सरकार द्वारा 2007 में लागू किए गए अधिनियम को ही नीतीश सरकार ने कुछ बदलावों के साथ लागू किया है। वर्ष 2007 में ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 को संसद में पारित किया गया था।

इस अधिनियम के अंतर्गत अगर पुत्र या पुत्री अपने माता-पिता की देख-रेख नहीं करते हैं, तो शिकायत के बाद उन पर कार्रवाई की जा सकती है। पड़ोसी राज्य बिहार में बुजुर्गों का सम्मान करते हुए नीतीश कुमार ने तो कानून लागू कर दिया, लेकिन अब देखना यह है कि देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की सरकार कब जागती है?

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