बीजेपी के शत्रु ,यशवंत और अरुण शौरी से भी ममता करेगी बात मुलाक़ात

अखिलेश अखिल

कर्नाटक में चुनाव का ऐलान और दिल्ली में ममता बनर्जी की उपस्थिति से दिल्ली का लुटियन जोन हलकान है। एक तरफ विपक्षी एकता की बात और दूसरी तरफ कांग्रेस और बीजेपी के बीच कर्नाटक को लेकर चुनावी पैतरेबाजी मीडिया के लोग भी परेशान है। एक से बढ़कर एक खबरे बनती दिख रही है और उसके मायने निकाले जा रहे हैं। खबर के मुताबिक ममता बनर्जी ने विपक्ष के कई नेताओं से संसद भवन में मुलाक़ात की है। इस मुलाक़ात में अभी कांग्रेस से कोई नेता सामने नहीं आया है।

माना जा रहा है कि विपक्षी एकता के नाम पर ममता बनर्जी कांग्रेस नेताओं में सिर्फ सोनिया गांधी से ही मिलना चाहती है जो इन दिनों बीमार चल रही है। अभी तक जो नाकारी मिल रही है उसके मुताबिक ममता एक फेडरल फ़्रंट बनाना चाह रही है। यह फ़्रंट गैर बीजेपी और गैर कांग्रेस का होगा। इस तरह के फेडरल फ़्रंट का सुझाव तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने ममता को दिए थे। अभी तक इस फ़्रंट में कांग्रेस की क्या भूमिका होगी उस पर संसय बना हुआ है। लेकिन जिस तरह ममता कांग्रेस समर्थक दलों के साथ मिल रही है उससे लगता है कि देर सवेर इस फ़्रंट में कांग्रेस को भी शामिल किया जाएगा।

इधर चौंकाने वाली बात यह है कि ममता बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और अन्य लोगों से मुलाकात करेंगी। ममता ने कहा, ‘सोनिया जी अभी ठीक नहीं हैं और ठीक हो रही हैं, वह एक बार जब वो ठीक हो जाएगी तो उनसे मुलाकता होगी। कल शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी से मिलेंगे। इसके अलावा अखिलेश और मायावती से मुलाकात पर उन्होंने कहा, ‘अगर निश्चित रूप से वे हमें लखनऊ में मुलाकात के लिए बुलाएंगे तो हम जाएंगे।’

गौरतलब है कि मंगलवार को ममता ने टीडीपी, बीजेडी समेत कई दलों से मुलाकात की। यहां तक की उन्होंने बीजेपी की साथी शिवसेना सांसद संजय राउत से भी संसद में मुलाकात की। टीएमसी प्रमुख ने एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से भी मुलाकात की है और राजद नेताओं से भी। ममता की मुलाक़ात डीएमके नेताओं से भी हुयी है। बता दें कि हाल ही में तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने थर्ड फ्रंट को लेकर ही कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात की थी।

दोनों मुख्यमंत्रियों ने मुलाकात के बाद कहा कि वो एक ऐसी व्यवस्था की तरफ आगे बढ़ रहे हैं जो सिर्फ भारत के विकास से जुड़ी है। टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव से जब ये पूछा गया कि अगर कांग्रेस आप को बाहर से समर्थन देने का फैसला करती है तो आप का अगला कदम क्या होगा। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि आप मौजूदा समय में राजनीतिक मॉडल की बात कर रहे हैं। लेकिन जिस एजेंडे के तहत हम आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं वो मौजूदा व्यवस्था से अलग है। हम आम लोगों की भलाई के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं।

लोग सोच रहे हैं कि 2019 के आम चुनाव से पहले कोई दूसरा मोर्चा अस्तित्व में आएगा। लेकिन इस मुद्दे पर वो अपनी बात स्पष्ट करना चाहते हैं यह मोर्चा भारत के लोगों के लिए होगा। यह सिर्फ कुछ दलों का गठबंधन नहीं होगा। आज देश में एक अलग तरह के विकल्प की जरूरत है। हम लोग भारत की तरक्की के लिए आम लोगों की बेहतरी में यकीन करते हैं। यह एक साझा नेतृत्व होगा इसमें संघीय नेतृत्व का भाव होगा।

तब ममता बनर्जी ने कहा था कि एक अच्छी शुरुआत हुई है। उनकी समझ से राजनीति निरतंर चलने वाली प्रक्रिया है। के चंद्रशेखर राव से जो भी बात हुई वो देश के आम लोगों की भलाई से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब फासिस्ट ताकतों को उखाड़ फेंकने की जरूरत है। एक खास विचारधारा के तहत मौजूदा केंद्र सरकार आगे बढ़ रही है। बीजेपी की सरकार का सिर्फ एक मकसद है कि जो भी शख्स उनके खिलाफ बोले उसका दमन कर दो।

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