बीजेपी को उम्मीद, मोदी की रैलियों से होगा 20 सीटों का फायदा!

बेंगलुरु: कर्नाटक में मतदान प्रारंभ हो चुका है। बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरी दौर में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जमकर प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने 21 रैलियों में स्थानीय मुद्दों को उठाया और उनका हल ढूंढने के वादे किए। कर्नाटक बीजेपी को उम्मीद है कि मोदी की इन रैलियों के सहारे उसके खाते में 20 सीटें और जुड़ जाएंगी। बता दें कि आरएसएस ने अपने आंतरिक सर्वे में खुलासा किया था कि बीजेपी को 224 में से 75 सीटें मिल सकती हैं। अब बीजेपी को इन सीटों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

बता दें कि पहले मोदी ने बेंगलुरु, मैसूर और देवनागरे में ही तीन रैलियां की थीं, जिस पर कांग्रेस नेताओं का कहना था कि ये रैलियां कर्नाटक की जनता पर कोई प्रभाव छोड़ने में असफल रही हैं। इसके बाद मोदी कर्नाटक में दोबारा आए और एक से नौ मई तक उन्होंने कई रैलियां कीं। उन्होंने चामराजनगर के संथामाराहल्ली से अपने प्रचार की शुरुआत की और एक दिन में तीन से चार रैलियां कीं। एक बीजेपी नेता ने बताया, चुनाव प्रचार के आखिरी दौर के सहारे ही चुनाव जीते जाते हैं और इसलिए प्रधानमंत्री ने आखिरी समय को प्रचार के लिए चुना। उनकी रैलियों ने राज्य में हमारी संभावनाओं को बढ़ा दिया है और हम मानते हैं कि उन्होंने रैलियों में जो कहा, उससे लगभग 20 निर्वाचन क्षेत्र बीजेपी की तरफ बढ़ गए हैं। कई रैलियों में मोदी ने जो कहा, उससे लोग उत्साहित दिखे भी थे।

उत्तर पश्चिमी कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मोदी लहर का प्रभाव और निर्वाचन क्षेत्रों की वापसी की उम्मीद है, जहां मोदी ने गोवा के साथ महादयी विवाद में हस्तक्षेप करने और इसे हल करने की बात की थी। मोदी ने विजयपुरा की रैली में कांग्रेस सरकार द्वारा लिंगायत समुदाय के विभाजन के बारे में बोला था, जो कि जल संसाधन मंत्री एमबी पाटिल का गृह जनपद है। पाटिल ने यहां अल्पसंख्यक टैग पाने के आंदोलन का नेतृत्व किया था और कहा जा रहा है कि उन्हें विजयपुरा जिले के बबलेश्वर में इसकी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं, मोदी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इटैलियन मूल को हाइलाइट करते हुए मजाकिया लहजे में उन्हें विवाह पूर्व नाम सोनिया मैनियो से संबोधित किया था। उन्होंने यहां बेंगलुरु की बर्निंग झीलों (बेलांदुर झील) का मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कांग्रेस के सात विधायकों का नाम लिए बिना उन पर शहर को बदनाम करने का आरोप लगाया था। बेलागवी में मोदी ने कहा था कि बादामी के रिजॉर्ट से पैसे वसूले गए थे, जहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया रुके हुए थे। चिकमंगलूरू में उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1978 में यह सीट जीती थी। लेकिन उन्होंने लोगों की आंखों में धूल झोंककर वोट लिए थे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper