बीजेपी ने शिवसेना को दिया बड़ा ऑफर, यह है ख़ास वजह

नई दिल्ली: चारों तरफ से विपक्ष के हमले से बीजेपी घबरा सी गयी है। उसे लगने लगा है कि समय रहते सबकुछ ठीक नहीं किया गया तो आने वाला कल बीजेपी की राजनीति के लिए खतरनाक हो सकता हैं। बीजेपी की नजर अब अपने पुराने दोस्तों पर टिकी है और खासकर शिवसेना पर। विपक्षी एकता और शिवसेना के लगातार हमले से घबराई बीजेपी ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को एक बड़ा ऑफर दिया है। हालांकि इस ऑफर को लेकर शिव सेना ने अभी तक कोई प्रतिक्रया नहीं दिया है और ना ही बीजेपी इस मामले को आगे बढ़ा पायी है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से कहा है कि बीजेपी शिवसेना के प्रतिनिधि को राज्यसभा के उपसभापति का पद देने को तैयार है। बता दें कि राज्यसभा के वर्तमान उपसभापति पीजे कुरियन कुछ ही महीनों बाद सदन से रिटायर होने वाले हैं। कांग्रेस का लम्बे समय से इस पद पर कब्जा है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी अब इस पद को अपने एनडीए के पास रखना चाह रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में इस खबर को लेकर काफी चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि जिस तरह से विपक्षी एकता की बात हो रही है उससे बीजेपी घबरा सी गयी है। शिवसेना भी लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की बात कह चुकी है ऐसे में बीजेपी को लग रहा है कि अगर शिव सेना उसका साथ छोड़ देगी तो इसका असर भी पड़ेगा और एनडीए भी कमजोर होगी। ऐसे में बीजेपी की पूरी राजनीति किसी भी तरह से शिवसेना के साथ फिर से मधुर सम्बन्ध बनाने की है।

आपको बता दें कि शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे राजनीति की नयी संभावनाओं की तलाश में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से भी मिल चुके हैं। शिवसेना के मुखपत्र सामना में नरेंद्र मोदी सरकार की लगातार आलोचना छपती रहती है। लिहाजा पार्टी बीजेपी के इस ऑफर से पसोपेश में है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर शिवसेना यह ऑफर स्वीकार नहीं करती है तो बीजेपी इसे अपने पास रखेगी।

सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना को लगता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी उसके प्रभुत्व पर लगातार कब्जा कर रही है। शिवसेना को अंदेशा है कि अगर दोनों साथ रहें तो अगले चुनाव में बीजेपी ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है। इसलिए अगर शिवसेना बीजेपी के इस ऑफर को स्वीकार करती है तो दोनों पार्टियों को सीट शेयरिंग समेत कई मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना होगा। इधर बीजेपी की नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना की मौजूदगी इस बात का संकेत हैं कि पार्टी बीजेपी से पूरी तरह से अपने रिश्ते खत्म नहीं करना चाहती है।

शिवसेना के लिए राज्यसभा उपसभापति के लिए उम्मीदवार चुनना भी काफी चुनौतीपूर्ण होगा। राज्यसभा में संजय राउत शिवसेना के वरिष्ठत्तम सांसद हैं। वो अपने तीसरे टर्म में हैं। संजय राउत शिवसेना के मुखपत्र सामना के एग्जीक्यूटिव एडिटर भी हैं। वेणूगोपाल धूत भी तीसरे टर्म को पूरा कर रहे हैं। लेकिन उन्हें बिजनेसमैन ज्यादा माना जाता है। राज्यसभा में शिवसेना के तीसरे सांसद हैं अनिल देसाई ,जो कि अपने दूसरे टर्म में हैं। अगर ऑफर स्वीकार करने के बाद शिवसेना संजय राउत को राज्यसभा के उपसभापति का पद देती है, तो पद की गरिमा का ख्याल रखते हुए गैर राजनीतिक शख्सियत का रोल अदा करना होगा।

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