बीस घंटे तक चला तलाशी अभियान, भाई का शव भी गोताखोरों ने निकाला बाहर

प्रतापगढ़: दिपेश्वर तालाब में मंगलवार को दो मासूम भाई-बहनों के डूबने के मामले में बुधवार को गोताखोरों के प्रयास रंग लाए और बीस घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद भाई का शव भी बाहर निकाल लिया गया। बहन का शव मंगलवार को ही निकाल लिया गया था। पुलिस प्रशासन और नगर परिषद के कर्मचारी गोताखोरों के साथ सुबह से ही शव की तलाश में लग गए थे। मंगलवार शाम को अंधेरा होने के कारण तलाशी अभियान रोक दिया गया था ।

तहसीलदार योगेन्द्र जैन ने बताया की महाराष्ट्र के शोलापुर के बलोली गांव का रहने वाला जोगिन्द्र नाथ हर साल अपने बीबी बच्चों के साथ अपनी गो रथ गाड़ी लेकर रामदेवरा के दर्शनों के लिए आया था। सोमवार को वह अपनी पत्नी मंगला और चार छोटे बच्चों के साथ प्रतापगढ़ पहुंचा था और दशहरा मैदान में अपना डेरा लगा कर रात बिताई थी। मंगलवार सुबह तबियत खराब होने पर पत्नी मंगला दो छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पति के साथ जिला चिकित्सालय चली गयी थी।

ग्यारह साल की एक बेटी रेशमा और उसके छोटे भाई राम (सात साल) को डेरे पर ही छोड़ कर गई थी। दोपहर में दोनों भाई- बहन मैदान के पास ही बने दिपेश्वर तालाब पर नहाने चले गए। यहां पर दोनों भाई-बहन तालाब में डूब गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिस पर कोतवाली थाना पुलिस तहसीलदार और गोताखोर मौके पर पहुंचे। एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्यारह वर्षीय बालिका रेशमा का शव तो निकाल लिया गया लेकिन बालक राम के शव की तलाश देर शाम तक चली| अंधेरा होने के बाद तलाशी अभियान रोक दिया गया। बुधवार सुबह वापस अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमेन्द्र नागर के निर्देशन में तलाशी अभियान शुरू किया गया| आखिर बीस घंटे के बाद बालक का शव भी निकाल लिया गया।

कोतवाली थानाधिकारी बाबूलाल मुरारिया ने बताया कि शव को फिलहाल जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। दूसरी ओर इस गरीब परिवार पर हुए इस वज्रपात के बाद आर्थिक सहायता के लिए शहर के कई लोग आगे आए हैं और उनको आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है ।

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