बुन्देलखण्ड के सूखे का करेंगे समाधान: योगी

ललितपुर ब्यूरो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद के विकास के लिए 69.62 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकापज़्ण तथा 08.28 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने जनपद के ग्राम कल्यानपुरा में जनसभा के दौरान कहा कि बुन्देलखण्ड का सूखा और अन्ना प्रथा यह यहां की प्रमुख समस्याएं हैं। इन दोनों समस्याओं का स्थाई समाधन कैसे होगा, इसके लिए अपने कई मंत्रियों के साथ यहां आया हूं। इस बड़ी समस्या के लिए ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रभारी मंत्री एवं अधिकारी सभी प्रयासरत हैं।

ललितपुर के लोगों ने उदाहरण किया पेश

उन्होंने दावा किया कि सिंचाई की सारी छह परियोजनों को दिसम्बर 2019 तक पूरी करेंगे। उन्होंने कहा कि आप जानते हैं अक्सर कोई भी कायज़् प्रारंभ करने के लिए लोग सरकार की ओर उम्मीद से देखते हैं कि सरकार कब पैसा देगी, कब काम शुरू होगा। यहां नया उदाहरण प्रस्तुत किया गया। यहां लोगों ने अपने पैसों से एक गौशाला बनाकर गायों को न सिर्फ आश्रय दिया गया, बल्कि पशुओं को खुले में छोडऩे वाली अन्ना प्रथा पर भी लगाम लगाने का प्रयास किया। अब इस प्रयास को हम और उभार कर सामने लाएंगे। सरकारी धन से हम एक आदशज़् गौशाला का निमाज़्ण करेंगे। इससे यहां गोबर गैस प्लांट, वमीज़् कम्पोस्ट का काम होगा, और भी बड़े प्लांट लगेंगे। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की औषधियों पर भी रिसर्च होगी और बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा।

बुन्देलखण्ड का विकास सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के बुन्देलखण्ड की मिट्टी सोना बनाने का काम करेगी। देश की तरक्की का कायज़् इसी धरती से शुरू होगा। मैं कह सकता हूं कि मात्र दो वर्षों के अंदर हम बुन्देलखण्ड में अन्ना प्रथा का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनता की समस्या का समाधान जनता को स्वयं को करना होगा। यहां के मंत्री, प्रभारी मंत्री व जिलाधिकारी ने मिलकर इन अन्ना पशुओं से छुटकारा दिलाने का काम किया है। यहां की दूसरी प्रमुख समस्या सूखे की है। इसका समाधान होना ही चाहिए। मैं यहां इसलिए ही आया हूं।

प्रधानमंत्री के लिए बुन्देलखण्ड बेहद अहम

उन्होंने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री बनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्राथमिकताओं में बुन्देलखण्ड के विकास की बात कही थी। इसलिए मुख्यमंत्री बनने के बाद सबसे पहले मैं बुन्देलखण्ड आया था और आज फिर आया हुं। मेरे साथ आज सिंचाई व ग्रामीण विकास मंत्री भी हैं। इनको आदेश दिए गए हैं कि जहां भी सरकारी मदद चाहिए, बता दें, लेकिन यहां की सारी परियोजनाएं समय से पूरी करें। ताकि यहां पेयजल और सूखे की समस्याओं को दूर किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि सिंचाई की सारी छह परियोजनों को दिसम्बर 2019 तक पूरी करेंगे। मुख्यमंत्री ने बुन्देलखण्ड और विशेषकर ललितपुर जनपद के सूखे पर ध्यान देते हुए कहा कि यहां पर पेयजल का संकट है। हाल में ही सभी विभागों ने मिलकर एक बड़ी कायज़्योजना तैयार की है। इससे बुन्देलखण्ड की पेयजल, सिंचाई व अन्य बड़ी समस्याएं दूर होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ललितपुर प्रदेश में अलग पहचान रखता है। प्रभारी मंत्री सूयज़् प्रताप शाही ने यहां की विशेष सिफारिश की थी। यहां के किसानों के चेहरों पर खुशहाली लाने का कार्य हमारी सरकार करेगी।

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